नप गया घूसखोर इंजीनियर
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लेसा के अधीक्षण अभियंता ने आखिरकार घूसखोर कर्मचारी को निलंबित कर दिया।
उच्च अधिकारी घूसखोर कर्मचारी को निलंबन से बचाने के लिए जोड़तोड़ में जुटे रहे पर सफल नहीं हो सके।
फौरी जांच में पाया गया कि इलाकाई इंजीनियरों की जांच रिपोर्ट सहित आए बिल को एक्सईएन राजस्व ने नवंबर में सही नहीं किया।
माना जा रहा कि इस घूसखोरी के तार अधिकारियों से जुड़े हैं, जिसके चलते शासन स्तर पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई कराने की तैयारी चल रही है।
12
दिसंबर को यूपीआईएल उपखंड के कर्मचारी राम प्रकाश यादव को भ्रष्टाचार
निवारण संगठन की टीम ने 25 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार
किया था।
नाका कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद राम प्रकाश को जेल भेज
दिया गया। इस प्रकरण की जांच अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार वर्मा को सौंपी
गई।
वर्मा ने 13 दिसंबर की तारीख में रामप्रकाश को निलंबित कर दिया।
जबकि चर्चा है कि राम प्रकाश का निलंबन 13 दिसंबर की तारीख में 16 दिसंबर
को जारी हुआ है।
मुख्य अभियंता शमीम अहमद ने कर्मचारी के निलंबन की पुष्टि
की। दूसरी तरफ उपभोक्ता का बिल नवंबर में
बिल संशोधित करने के लिए एक्सईएन राजस्व के पास भेजा था। ऐसा हो न सका
था।
वही शासन स्तर पर घूसखोरी के प्रकरण को गंभीरता से लिया
गया है। इस प्रकरण में इंजीनियरों पर भी कार्रवाई होना तय है।