फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   laxity of lmc

पंजीकरण करना भूला नगर निगम

Wed, 25 Dec 2013 10:06 AM IST
ब्यूरो/ अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/ अमरउजाला, लखनऊ Updated Wed, 25 Dec 2013 10:06 AM IST
विज्ञापन
laxity of lmc

अमीनाबाद को अतिक्रमण मुक्त करने में विफलता का एक बड़ा कारण है, नगर

विज्ञापन
निगम प्रशासन की आधी-अधूरी कवायद।

यहां नगर निगम ने आठ मीटर से चौड़ी सड़क पर पीली पट्टी तो खींच दी लेकिन फेरी नीति के तहत पटरी दुकानदारों का पंजीकरण अब तक शुरू नहीं किया।

इससे सड़क पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई भी आसान नहीं है। इसके अलावा नगर निगम को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।

यदि नगर निगम फेरी नीति केतहत पंजीकरण कर ले तो उसे पूरे शहर से सालाना करीब 50 करोड़ रुपये की आमदनी होगी।


पटरी दुकानदारों और ठेले-खोमचे वालों को व्यवस्थित करने के लिए केंद्र सरकार ने फेरी नीति बनाई है। इसे लागू करने की प्रदेश सरकार भी मंजूरी दे चुकी है।

उसके बाद पिछले करीब पांच साल से नगर निगम प्रशासन इसको लागू करने की कवायद कर रहा है, लेकिन यह लागू अब तक नहीं हो पाई है।

अमीनाबाद का मामला गरमाने के बाद सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत पटरी दुकानदारों को हद में करने के लिए पीली पट्टी खींची गई है लेकिन दुकानदारों का पंजीकरण नहीं किया गया है। सब काम कागज पर हो रहा है।

धरातल पर कुछ नहीं दिख रहा है। यह हाल तब है जबकि इसको लेकर शहर के पटरी दुकानदार कई बार बड़े आंदोलन कर चुके हैं।

इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने वेंडिंग और नान वेंडिग जोन चिन्हित करने काम काम शुरू किया जो अब तक पूरा नहीं हो सका है।

दुकानदारों के विरोध को देखते हुए दो साल पहले जुलाई से दुकानदारों को चिन्हित क्षेत्र में फेरी लाइसेंस जारी करने का ढिंढोरा पीटा गया मगर यह भी दिखावा साबित हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed