{"_id":"5fb9769b8ebc3eefb87e0227","slug":"law-university-refuse-to-give-more-time-for-exam-lko-city-news-lko551104738","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधि विवि ने परीक्षा के लिए 5 घण्टे से अधिक समय देने से किया इनकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधि विवि ने परीक्षा के लिए 5 घण्टे से अधिक समय देने से किया इनकार
विज्ञापन
विधि विवि ने परीक्षा का समय बढ़ाने से किया इनकार
डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान छात्रों और विवि प्रशासन के बीच तकरार जारी है। जहां छात्र परीक्षा देने के लिए अतिरिक्त समय की मांग कर रहे हैं, वहीं विवि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पांच घंटे से अधिक समय नहीं दिया जाएगा। जो छात्र समय पर कॉपी जमा नहीं करेंगे उन्हें रिपीट एग्जाम में बैठना होगा। हालांकि छात्रों को राहत देते हुए उसे रिपीट का दर्जा नहीं दिया जाएगा।
विधि विश्वविद्यालय की तीसरे, पांचवें, सातवें और नौवें सेमेस्टर की परीक्षाएं 18 दिसंबर से शुरू हो गई हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. मनीष सिंह ने पहले परीक्षा के लिए छात्रों को साढ़े तीन घंटे का समय दिया था। छात्रों को उनके पंजीकृत ई-मेल आईडी पर प्रश्नपत्र भेजे जाते हैं, छात्र उसे डाउनलोड कर उत्तर लिखते हैं और फिर उत्तर पुस्तिका को स्कैन कर विवि को भेजते हैं। इस ऑनलाइन परीक्षा के लिए विवि ने प्रश्नपत्र में भी बदलाव किया था। लेकिन छात्रों ने इसके लिए सिर्फ साढ़े तीन घंटे का समय दिए जाने का विरोध किया तो परीक्षा नियंत्रक ने इसे बढ़ाकर पांच घंटे कर दिया। साथ ही प्रश्नपत्र के प्रारूप में दोबारा बदलाव कर प्रश्न कम कर दिए। बावजूद इसके काफी छात्र नाखुश हैं। छात्रों ने बताया कि कई इलाकों में नेटवर्क की समस्या रहती है। प्रश्नपत्र डाउनलोड करना और उत्तर पुस्तिका के हर पेज को स्कैन कर भेजने में समय लगता है। कई छात्र इस तरह की परीक्षा के लिए एक से दो दिन का समय मांग रहे हैं।
परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि अब छात्र तीन घंटे में ही परीक्षा दे सकते हैं और पूरी प्रक्रिया पांच घंटे में खत्म की जा सकती है। छात्रों को स्कैन उत्तर पुस्तिका पीडीएफ में गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से भेजने के निर्देश दिए थे। पहले दिन की परीक्षा में काफी छात्रों ने 5 घंटे के बाद भी कॉपी भेजी थी, जिसे विवि ने स्वीकार कर लिया था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान छात्रों और विवि प्रशासन के बीच तकरार जारी है। जहां छात्र परीक्षा देने के लिए अतिरिक्त समय की मांग कर रहे हैं, वहीं विवि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पांच घंटे से अधिक समय नहीं दिया जाएगा। जो छात्र समय पर कॉपी जमा नहीं करेंगे उन्हें रिपीट एग्जाम में बैठना होगा। हालांकि छात्रों को राहत देते हुए उसे रिपीट का दर्जा नहीं दिया जाएगा।
विधि विश्वविद्यालय की तीसरे, पांचवें, सातवें और नौवें सेमेस्टर की परीक्षाएं 18 दिसंबर से शुरू हो गई हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. मनीष सिंह ने पहले परीक्षा के लिए छात्रों को साढ़े तीन घंटे का समय दिया था। छात्रों को उनके पंजीकृत ई-मेल आईडी पर प्रश्नपत्र भेजे जाते हैं, छात्र उसे डाउनलोड कर उत्तर लिखते हैं और फिर उत्तर पुस्तिका को स्कैन कर विवि को भेजते हैं। इस ऑनलाइन परीक्षा के लिए विवि ने प्रश्नपत्र में भी बदलाव किया था। लेकिन छात्रों ने इसके लिए सिर्फ साढ़े तीन घंटे का समय दिए जाने का विरोध किया तो परीक्षा नियंत्रक ने इसे बढ़ाकर पांच घंटे कर दिया। साथ ही प्रश्नपत्र के प्रारूप में दोबारा बदलाव कर प्रश्न कम कर दिए। बावजूद इसके काफी छात्र नाखुश हैं। छात्रों ने बताया कि कई इलाकों में नेटवर्क की समस्या रहती है। प्रश्नपत्र डाउनलोड करना और उत्तर पुस्तिका के हर पेज को स्कैन कर भेजने में समय लगता है। कई छात्र इस तरह की परीक्षा के लिए एक से दो दिन का समय मांग रहे हैं।
विज्ञापन
परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि अब छात्र तीन घंटे में ही परीक्षा दे सकते हैं और पूरी प्रक्रिया पांच घंटे में खत्म की जा सकती है। छात्रों को स्कैन उत्तर पुस्तिका पीडीएफ में गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से भेजने के निर्देश दिए थे। पहले दिन की परीक्षा में काफी छात्रों ने 5 घंटे के बाद भी कॉपी भेजी थी, जिसे विवि ने स्वीकार कर लिया था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
विज्ञापन