रक्षा क्षेत्र में नवीनतम तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराएंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
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डिफेंस कारीडोर के लिए स्थापित होने वाले आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीचयू के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रक्षा संबंधी आवश्यकताओं के लिए नैनो तकनीक पर नवीनतमतकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराएंगे। प्रदेश सरकार इन सेंटर की स्थापना के लिए बजट देगी।
आईआईटी कानपुर ने अपने सेंटर पर चार विशेष क्षेत्रों में अनुसंधान का प्रस्ताव किया है। इसमें एडवांस नैनो मटेरियल और नैनो तकनीक, रक्षा से जुड़े प्रतिष्ठानों की साइबर सुरक्षा, इलेक्ट्रानिक्स और कम्युनिकेशन से जुड़ी आवश्यकताओं के साथ बिना चालक वाले वाहन उत्पादन की नवीनतम तकनीक उपलब्ध कराने जैसे काम शामिल हैं।
इसी तरह आईआईटी बीएचयू ने भी रक्षा क्षेत्र की आवश्यकता के लिहाज से चार अन्य सेक्टर में कार्य का प्रस्ताव किया है। इसमें स्मार्ट मटेरियल एंड सेंसर मेटेरियल, कंपोजिट्स, धातुओं और मिश्र धातुओं, नवीनतम सिद्धांत और तकनीक, सुरक्षा और खतरों के साथ डिफेंस आर्किटेक्चर पर काम किया जाएगा। इन कार्यों के लिए दोनों ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नए-नए लैब और अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन सेंटर की गतिविधियां जल्द से जल्द आगे बढ़ाने की योजना है।
डिफेंस कारीडोर से सरकार को बड़ी उम्मीदें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में इन्वेस्टर्स समिट में बुंदेलखंड को ध्यान में रखकर डिफेंस कॉरीडोर की स्थापना का एलान किया था। इस कॉरीडोर पर जगह-जगह रक्षा आवश्यकता से जुड़ी सामग्री का उत्पादन होगा। आईआईटी कानपुर व आईआईटी बीएचयू के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा उपलब्ध कराई गई नवीनतम तकनीक और ज्ञान के आधार पर निवेशक रक्षा सामग्री का उत्पादन करेंगे। इस कॉरीडोर से 20 हजार करोड़ रुपये निवेश अैर रक्षा सामग्री के उत्पादन व अनुसंधान से 2.5 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।