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डिफेंस एक्सपो का सबसे बड़ा एमओयू निरस्त, किया था 36 हजार करोड़ का एमओयू
Mon, 25 Jan 2021 08:56 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 25 Jan 2021 08:56 PM IST
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डिफेंस एक्सपो
- फोटो : amar ujala
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डिफेंस एक्सपो-2020 में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के झांसी नोड के लिए हुआ 36 हजार 68 करोड़ रुपये का एमओयू निरस्त हो गया है। टाइटन एविएशन एंड एयरोस्पेस इंडिया लि. ने झांसी में मल्टीपल डिफेंस इंडस्ट्री पार्क बनाने के लिए एमओयू किया था। कंपनी की ओर से जमीन आवंटन के लिए राशि जमा नहीं कराने और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के पत्रों पर कार्यवाही नहीं करने पर यूपीडा ने एमओयू निरस्त कर दिया है।
पिछले साल लखनऊ में हुए डिफेंस एक्सपो में 22 कंपनियों ने डिफेंस कॉरिडोर के अलीगढ़, कानपुर, चित्रकूट और झांसी नोड में निवेश के लिए 38 हजार 896 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के एमओयू साइन किए थे। इसमें से सबसे बड़ा 36 हजार 68 करोड़ रुपये का एमओयू टाइटन एविएशन एंड एयरोस्पेस इंडिया लि. ने झांसी नोड के लिए किया था। सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने यूपीडा में अपनी डीपीआर सहित अन्य रिपोर्ट प्रस्तुत की, लेकिन जमीन आवंटन के लिए आवश्यक राशि जमा नहीं कराई।
फाइनेंसरों के लॉकडाउन में विदेशों में फंसने के कारण कंपनी जमीन आवंटित कराने और प्लांट लगाने की कार्यवाही को आगे नहीं बढ़ा सकी। यूपीडा की ओर से कंपनी को कई बार पत्र भी लिखे गए। लेकिन कंपनी की ओर से कोई कार्यवाही नहीं होने के बाद यूपीडा ने करार निरस्त कर दिया है। यूपीडा ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निवेशकों की सूची से भी कंपनी का नाम हटा दिया है।
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झांसी के लिए एक ही एमओयू हुआ
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर खासतौर पर बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए स्थापित किया जा रहा है। झांसी के लिए सबसे बड़ा एमओयू निरस्त होने के बाद हाल ही में नाइट्रो डायनेमिक्स एयरोस्पेस एंड डिफेंस प्रा. लि. ने एमओयू किया है। कंपनी 600 करोड़ रुपये का निवेश कर 100 एकड में प्लांट लगाएगी। यह झांसी नोड का पहला एमओयू होगा।
एयरो स्पेस शो में भी होंगे एमओयू
रक्षा मंत्रालय की ओर से 3 से 5 फरवरी तक बैंगलोर में आयोजित किए जा रहे एयरो स्पेस शो में भी यूपीडा की स्टॉल लगाई जाएगी। शो में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना की मौजूदगी में करीब एक दर्जन से अधिक कंपनियां डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए एमओयू करेंगी।
इनका कहना है
टाइटन एविएशन एंड एयरोस्पेस इंडिया लि. के एमओयू को होल्ड पर डाला गया है, लेकिन झांसी में एक दूसरी कंपनी को जमीन आवंटन कर रहे हैं।
अवनीश अवस्थी, सीईओ यूपीडा
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पिछले साल लखनऊ में हुए डिफेंस एक्सपो में 22 कंपनियों ने डिफेंस कॉरिडोर के अलीगढ़, कानपुर, चित्रकूट और झांसी नोड में निवेश के लिए 38 हजार 896 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के एमओयू साइन किए थे। इसमें से सबसे बड़ा 36 हजार 68 करोड़ रुपये का एमओयू टाइटन एविएशन एंड एयरोस्पेस इंडिया लि. ने झांसी नोड के लिए किया था। सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने यूपीडा में अपनी डीपीआर सहित अन्य रिपोर्ट प्रस्तुत की, लेकिन जमीन आवंटन के लिए आवश्यक राशि जमा नहीं कराई।
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फाइनेंसरों के लॉकडाउन में विदेशों में फंसने के कारण कंपनी जमीन आवंटित कराने और प्लांट लगाने की कार्यवाही को आगे नहीं बढ़ा सकी। यूपीडा की ओर से कंपनी को कई बार पत्र भी लिखे गए। लेकिन कंपनी की ओर से कोई कार्यवाही नहीं होने के बाद यूपीडा ने करार निरस्त कर दिया है। यूपीडा ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निवेशकों की सूची से भी कंपनी का नाम हटा दिया है।
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झांसी के लिए एक ही एमओयू हुआ
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर खासतौर पर बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए स्थापित किया जा रहा है। झांसी के लिए सबसे बड़ा एमओयू निरस्त होने के बाद हाल ही में नाइट्रो डायनेमिक्स एयरोस्पेस एंड डिफेंस प्रा. लि. ने एमओयू किया है। कंपनी 600 करोड़ रुपये का निवेश कर 100 एकड में प्लांट लगाएगी। यह झांसी नोड का पहला एमओयू होगा।
एयरो स्पेस शो में भी होंगे एमओयू
रक्षा मंत्रालय की ओर से 3 से 5 फरवरी तक बैंगलोर में आयोजित किए जा रहे एयरो स्पेस शो में भी यूपीडा की स्टॉल लगाई जाएगी। शो में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना की मौजूदगी में करीब एक दर्जन से अधिक कंपनियां डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए एमओयू करेंगी।
इनका कहना है
टाइटन एविएशन एंड एयरोस्पेस इंडिया लि. के एमओयू को होल्ड पर डाला गया है, लेकिन झांसी में एक दूसरी कंपनी को जमीन आवंटन कर रहे हैं।
अवनीश अवस्थी, सीईओ यूपीडा