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लामार्टीनियर ः पुरातत्व विभाग की आपत्ति दरकिनार कर किया अवैध निर्माण
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लखनऊ। लामार्टीनियर कॉलेज के प्रधानाचार्य सी मैकफारलैंड पर नियम-कानून की अनदेखी करने के लगाए गए कई आरोपों में अवैध निर्माण कराना भी शामिल है। कॉलेज संचालन से जुड़ी लोकल कमेटी ऑफ गवर्नर्स (एलसीजी) की ओर से गठित तीन सदस्यीय समिति की जांच में परिसर में पुरातत्व विभाग की आपत्ति व नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य कराए जाने का मामला सही पाया गया।
कॉलेज परिसर में स्थित ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के संरक्षित टू सिमेट्रीज ऑन द लामार्टीनियर रोड पर भी कॉलेज के प्रधानाचार्य की ओर से अवैध निर्माण कार्य कराया पाया गया। उस अवैध व नवनिर्माण व मरम्मत कार्य को ढहाने के संबंध में महानिदेशालय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण नई दिल्ली के निर्देश को भी नहीं माना गया। उल्लेखनीय है कि कॉलेज में आर्थिक व प्रशासनिक गड़बड़ियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी में अपर आयुक्त लखनऊ मंडल, अपर जिलाधिकारी व जीओसी सब एरिया के प्रतिनिधि शामिल थे।
जांच में ये भी सामने आया
बगैर बैठक पारित कर दिया बजट, हिसाब भी नहीं दिया
कॉलेज में वित्तीय व प्रशासनिक कामकाज बाधित नहीं होने देने के लिए प्रधानाचार्य को जो शक्तियां मिली हैं उसका भी दुरुपयोग जांच में सामने आया है। जांच में पाया गया है कि प्रधानाचार्य ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में वार्षिक बजट पारित कराने को न तो एलसीजी की कोई बैठक बुलाई और न ही समय पर आय-व्यय का विवरण पेश किया। एलसीजी के सभी सदस्यों को बैठकों के भेजी जाने वाली स्वीकृत कार्यवृत्त की कॉपी तक उपलब्ध नहीं कराई जाती है। जांच कमेटी ने माना कि इससे प्रधानाचार्य को मिली शक्तियों का दुरुपयोग होने की आशंका बढ़ी है।
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परिसर में कहीं भी नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे
कमेटी के तीनों सदस्यों ने जांच में पाया कि कॉलेज परिसर में कहीं भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन की टीम ने संस्तुति भी की है। जांच टीम को प्रधानाचार्य ने बताया कि 144 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की संस्तुति की जा चुकी है। जल्द ही ये लग जाएंगे।
रिश्तेदारों को बनाया शिक्षक, चहेतों को दी नौकरी
जांच के दौरान सामने आया कि तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की कॉलेज में की गई तैनाती में भी नियमों की अनदेखी की गई है। प्रधानाचार्य ने बताया कि कॉलेज में अस्थायी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों व वाहन चालकों के अनुमन्य पदों की संख्या का कोई निर्धारण नहीं है। कार्य की आवश्यकतानुसार ऐसे पदों पर नियुक्ति की जाती है। वर्तमान में कॉलेज में तीन फर्मों के माध्यम से आउटसोर्सिंग कर्मियों की तैनाती की गई है, लेकिन इसका कोई अनुमोदन या जानकारी एलसीजी को देना मुनासिब नहीं समझा गया। इतना ही नहीं प्रधानाचार्य ने अपने रिश्तेदारों को भी कॉलेज में शिक्षक सुपरवाइजर व अन्य प्रमुख पदों पर नियुक्ति देकर तैनात करने में भी नियम-कानून दरकिनार कर दिया।
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लखनऊ। लामार्टीनियर कॉलेज के प्रधानाचार्य सी मैकफारलैंड पर नियम-कानून की अनदेखी करने के लगाए गए कई आरोपों में अवैध निर्माण कराना भी शामिल है। कॉलेज संचालन से जुड़ी लोकल कमेटी ऑफ गवर्नर्स (एलसीजी) की ओर से गठित तीन सदस्यीय समिति की जांच में परिसर में पुरातत्व विभाग की आपत्ति व नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य कराए जाने का मामला सही पाया गया।
कॉलेज परिसर में स्थित ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के संरक्षित टू सिमेट्रीज ऑन द लामार्टीनियर रोड पर भी कॉलेज के प्रधानाचार्य की ओर से अवैध निर्माण कार्य कराया पाया गया। उस अवैध व नवनिर्माण व मरम्मत कार्य को ढहाने के संबंध में महानिदेशालय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण नई दिल्ली के निर्देश को भी नहीं माना गया। उल्लेखनीय है कि कॉलेज में आर्थिक व प्रशासनिक गड़बड़ियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी में अपर आयुक्त लखनऊ मंडल, अपर जिलाधिकारी व जीओसी सब एरिया के प्रतिनिधि शामिल थे।
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जांच में ये भी सामने आया
बगैर बैठक पारित कर दिया बजट, हिसाब भी नहीं दिया
कॉलेज में वित्तीय व प्रशासनिक कामकाज बाधित नहीं होने देने के लिए प्रधानाचार्य को जो शक्तियां मिली हैं उसका भी दुरुपयोग जांच में सामने आया है। जांच में पाया गया है कि प्रधानाचार्य ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में वार्षिक बजट पारित कराने को न तो एलसीजी की कोई बैठक बुलाई और न ही समय पर आय-व्यय का विवरण पेश किया। एलसीजी के सभी सदस्यों को बैठकों के भेजी जाने वाली स्वीकृत कार्यवृत्त की कॉपी तक उपलब्ध नहीं कराई जाती है। जांच कमेटी ने माना कि इससे प्रधानाचार्य को मिली शक्तियों का दुरुपयोग होने की आशंका बढ़ी है।
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परिसर में कहीं भी नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे
कमेटी के तीनों सदस्यों ने जांच में पाया कि कॉलेज परिसर में कहीं भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन की टीम ने संस्तुति भी की है। जांच टीम को प्रधानाचार्य ने बताया कि 144 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की संस्तुति की जा चुकी है। जल्द ही ये लग जाएंगे।
रिश्तेदारों को बनाया शिक्षक, चहेतों को दी नौकरी
जांच के दौरान सामने आया कि तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की कॉलेज में की गई तैनाती में भी नियमों की अनदेखी की गई है। प्रधानाचार्य ने बताया कि कॉलेज में अस्थायी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों व वाहन चालकों के अनुमन्य पदों की संख्या का कोई निर्धारण नहीं है। कार्य की आवश्यकतानुसार ऐसे पदों पर नियुक्ति की जाती है। वर्तमान में कॉलेज में तीन फर्मों के माध्यम से आउटसोर्सिंग कर्मियों की तैनाती की गई है, लेकिन इसका कोई अनुमोदन या जानकारी एलसीजी को देना मुनासिब नहीं समझा गया। इतना ही नहीं प्रधानाचार्य ने अपने रिश्तेदारों को भी कॉलेज में शिक्षक सुपरवाइजर व अन्य प्रमुख पदों पर नियुक्ति देकर तैनात करने में भी नियम-कानून दरकिनार कर दिया।