राज्यमंत्री का दौरा, 49 वैज्ञानिक नदारद, पगार कटी
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रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर में वैज्ञानिक काम करने की जगह ड्यूटी के समय नदारद रहते हैं।
शुक्रवार को अध्यक्ष डॉ. कुलदीप उज्जवल के औचक निरीक्षण में यह हकीकत सामने आई। निरीक्षण में राज्यमंत्री को निदेशक डॉ. देवेंद्र मिश्रा सहित 48 वैज्ञानिक अनुपस्थित मिले।
शुक्रवार की सुबह डॉ. उज्जवल कार्यालय पहुंचे। उन्होंने औचक निरीक्षण करने के लिए जब शीर्ष अधिकारियों की जानकारी ली तो वे अनुपस्थिति मिले।
इस कार्रवाई में सबसे पहले उन्होंने उपस्थिति पंजिका मंगाई। इसमें आधे से ज्यादा स्टाफ उन्हें एब्सेंट मिले।
परिसर का निरीक्षण भी किया
उन्होंने सभी की एब्सेंट लगाने के बाद पूरे परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण में डॉ. उज्जवल को खुद निदेशक ही अपने कार्यालय से नदारद मिले।
इसके अलावा 10 स्थायी वैज्ञानिक और 37 अस्थायी वैज्ञानिक उन्हें संस्थान में नहीं मिले।
डॉ. उज्जवल ने बताया कि समय के पाबंद होने की जगह वैज्ञानिक ही लेटलतीफी और अनुशासनहीनता के शिकार हैं।
कट गई सभी की सेलरी
सभी की एब्सेंट लगाने के बाद एक दिन की सेलरी काटने के आदेश कर दिए गए हैं। कार्यालय खुलने का समय 9:30 बजे सुबह था।
जबकि वैज्ञानिकों सहित स्टाफ 10:30 बजे तक नहीं पहुंचा।
वहीं परिसर में गंदगी और दूसरी कमियों के लिए उन्होंने निदेशक और प्रशासनिक अधिकारी एमएस यादव को हालात सुधारने के लिए ताकीद किया।