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Lucknow: कुकरैल के किनारे हर्ष की वर्षा, लोगों ने कहा- सरकार ने हमारी सुन ली, देर रात लगे सीएम योगी के जयकारे
Tue, 16 Jul 2024 11:00 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 16 Jul 2024 11:00 AM IST
सार
एलडीए के वीसी रहे इंद्रमणि त्रिपाठी के तबादले और नए वीसी की तैनाती के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि कुकरैल रिवरफ्रंट पर बने घरों के ध्वस्तीकरण की मुहिम पर असर पड़ सकता है।
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देर रात जश्न मनाते लोग।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कुकरैल रिवरफ्रंट के दायरे में अकबरनगर के बाद आए रहीमनगर, खुर्रमनगर, पंतनगर, इंद्रप्रस्थनगर और अबरारनगर के लोग अपने घरों को अवैध बताकर लाल निशान लगाए जाने से काफी गुस्से और दुख में थे। शनिवार, रविवार को इसके विरोध में अलग-अलग तरह से प्रदर्शन करने वाले इलाके के लोग सोमवार रात अचानक शंख, ढोल, नगाड़े बजाने लगे। कुकरैल किनारे हर्ष की बारिश होने लगी।
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स्थानीय लोग सीएम योगी आदित्यनाथ, बाबा गोरखनाथ की जय-जयकार करने लगे। रिवरफ्रंट के दायरे में आए रहीमनगर के विजय शुक्ला ने बताया कि सरकार ने उनकी गुहार सुन ली है। फिलहाल उनके घरों के ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी गई है। राहुल शर्मा ने कहा, हम यही नहीं समझ पा रहे थे कि हमारे घर अवैध कैसे हो गए हैं? मांग की जा रही थी कि ध्वस्तीकरण को रोका जाए। हमारी मांग मानकर बड़ी राहत दी गई है। गुंजन शुक्ला ने खुश होकर कहा कि अब हमारे घर नहीं तोड़े जाएंगे।
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इंद्रमणि त्रिपाठी के तबादले के बाद लग रही थीं अटकलें
लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी एलडीए के वीसी रहे इंद्रमणि त्रिपाठी के तबादले और नए वीसी की तैनाती के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि कुकरैल रिवरफ्रंट पर बने घरों के ध्वस्तीकरण की मुहिम पर असर पड़ सकता है। कहा जा रहा था कि नए उपाध्यक्ष को पूरा प्रोजेक्ट समझने में समय लगेगा। ऐसे में सौदर्यीकरण का काम फिलहाल अधर में लटक सकता है।
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इलाकों में नहीं गई कोई टीम
नोटिस मिलने के बाद कई लोग घरों की रजिस्ट्री के साथ विरोध कर रहे थे। उनके सवालों से भी अफसर असहज हो रहे थे। सोमवार को एलडीए, सिंचाई विभाग व प्रशासन की टीम भी इन इलाकों में नहीं गई। वहीं, चर्चा है कि सोमवार शाम को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में कुकरैल रिवरफ्रंट की जद में आए मकानों के मसले पर चर्चा भी हुई थी। हालांकि, शासन और प्रशासन के स्तर से खबर लिखे जाने तक इस बात की पुष्टि नहीं हो की पाई कि ध्वस्तीकरण पर रोक लगाई गई है या नहीं।
बच्चों ने सीएम योगी से लगाई थी गुहार
प्रभावित इलाकों के बच्चों ने भी सोशल मीडिया के जरिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके घरों को बचाने की गुहार लगाई थी। लोगों का कहना है कि बच्चों और महिलाओं की मेहनत रंग लाई और उनके घर बच गए हैं।