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Lucknow News: प्राकृतिक खेती में किसानों की मददगार बनीं कृषि सखियां
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बैठक में किसानों के साथ मौजूद कृषि सखी ज्योति
लखनऊ। मलिहाबाद और बख्शी का तालाब (बीकेटी) ब्लॉक में कृषि सखियां प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही हैं। दोनों ब्लॉकों में चयनित 36 कृषि सखियां करीब 2500 किसानों को रसायन मुक्त खेती के लिए जागरूक कर रही हैं। कृषि सखियां किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने, रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से बचने और जीवामृत व घन जीवामृत तैयार करने का प्रशिक्षण भी दे रही हैं। विभाग की ओर से कृषि सखियों को प्रति माह पांच हजार रुपये मानदेय भी दिया जाता है।
उप निदेशक कृषि विनय कौशल ने बताया कि मलिहाबाद और बीकेटी में 18-18 कृषि सखियां कार्यरत हैं। किसानों का चयन, उनके दस्तावेज जुटाने, बैंक विवरण तैयार कराने और बैठकों में भागीदारी सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी भी कृषि सखियां निभा रही हैं।
गाय पालने वाले किसानों का चयन
मलिहाबाद के बेलगढ़ा क्लस्टर की कृषि सखी ज्योति यादव ने बताया कि प्राकृतिक खेती के लिए उन्हीं किसानों को चयनित किया गया जिनके पास गाय है। बताया कि शुरू में किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में समझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन अब लोग जागरूक हो रहे हैं।
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किसानों को सिखा रहीं जीवामृत, घन जीवामृत बनाना
बख्शी का तालाब के दरियापुर क्लस्टर की कृषि सखी वंदना मिश्रा ने भी प्राकृतिक खेती के लिए 125 किसानों का चयन किया है। बताया कि एक एकड़ जमीन वाले किसानों को चयनित कर उन्हें कुछ जमीन पर प्राकृतिक खेती करने को कहा गया है। किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में जागरूक करने के साथ ही जीवामृत और घन जीवामृत बनाना भी सिखाती हैं।
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उप निदेशक कृषि विनय कौशल ने बताया कि मलिहाबाद और बीकेटी में 18-18 कृषि सखियां कार्यरत हैं। किसानों का चयन, उनके दस्तावेज जुटाने, बैंक विवरण तैयार कराने और बैठकों में भागीदारी सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी भी कृषि सखियां निभा रही हैं।
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गाय पालने वाले किसानों का चयन
मलिहाबाद के बेलगढ़ा क्लस्टर की कृषि सखी ज्योति यादव ने बताया कि प्राकृतिक खेती के लिए उन्हीं किसानों को चयनित किया गया जिनके पास गाय है। बताया कि शुरू में किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में समझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन अब लोग जागरूक हो रहे हैं।
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किसानों को सिखा रहीं जीवामृत, घन जीवामृत बनाना
बख्शी का तालाब के दरियापुर क्लस्टर की कृषि सखी वंदना मिश्रा ने भी प्राकृतिक खेती के लिए 125 किसानों का चयन किया है। बताया कि एक एकड़ जमीन वाले किसानों को चयनित कर उन्हें कुछ जमीन पर प्राकृतिक खेती करने को कहा गया है। किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में जागरूक करने के साथ ही जीवामृत और घन जीवामृत बनाना भी सिखाती हैं।