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Lucknow News: कोटक महिंद्रा बैंक ने चार महीने अटकाई कर्ज की फाइल, डीएम नाराज
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लखनऊ। बैंकों के काम-काज की समीक्षा के लिए डीएम विशाख जी ने बृहस्पतिवार को बैंकर्स समिति की बैठक ली। इसमें पता चला कि सरकारी योजनाओं के ऋण बांटने में बैंक आनाकानी कर रहे हैं। कोटक महिंद्रा बैंक ने चार महीने तक फाइल अटकाए रखी। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति को कार्यवाही के लिए कहा। बैंकों को क्रेडिट और डेबित अनुपात में संतुलन बनाने के लिए भी कहा।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने सभी बैंकों को सरकारी योजनाओं के पात्रों को प्राथमिकता के आधार पर कर्ज देने के निर्देश दिए, जिससे लखनऊ की अर्थव्यवस्था बढ़ सके। सीएम युवा स्वरोजगार योजना की प्रगति समीक्षा में पता चला कि कोटक महिंद्रा बैंक ने उद्योग विभाग की ओर से स्वीकृत व भेजी गई कर्ज की फाइलों को चार महीने लंबित रखा। डीएम ने कहा कि जिन बैंकों में इस योजना के प्रकरण सबसे ज्यादा समय से लंबित हैं, उनके ब्रांच प्रबंधकों व संबंधित बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ अलग से बैठक की जाए।
डीएम ने कहा कि कई बैंकों के क्रेडिट व डेबिट अनुपात में संतुलन नहीं बन रहा है। ऐसे क्षेत्रीय प्रबंधकों से रिपोर्ट तलब की जाए। सीडीओ अजय जैन, एलडीएम ऑफिस से निखिल जौहरी, नाबार्ड के डीजीएम कृष्ण कुमार ओझा, एलडीओ आरबीआई प्रतिभा इंदौरिया आदि मौजूद रहे।
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कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने सभी बैंकों को सरकारी योजनाओं के पात्रों को प्राथमिकता के आधार पर कर्ज देने के निर्देश दिए, जिससे लखनऊ की अर्थव्यवस्था बढ़ सके। सीएम युवा स्वरोजगार योजना की प्रगति समीक्षा में पता चला कि कोटक महिंद्रा बैंक ने उद्योग विभाग की ओर से स्वीकृत व भेजी गई कर्ज की फाइलों को चार महीने लंबित रखा। डीएम ने कहा कि जिन बैंकों में इस योजना के प्रकरण सबसे ज्यादा समय से लंबित हैं, उनके ब्रांच प्रबंधकों व संबंधित बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ अलग से बैठक की जाए।
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डीएम ने कहा कि कई बैंकों के क्रेडिट व डेबिट अनुपात में संतुलन नहीं बन रहा है। ऐसे क्षेत्रीय प्रबंधकों से रिपोर्ट तलब की जाए। सीडीओ अजय जैन, एलडीएम ऑफिस से निखिल जौहरी, नाबार्ड के डीजीएम कृष्ण कुमार ओझा, एलडीओ आरबीआई प्रतिभा इंदौरिया आदि मौजूद रहे।
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