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केएल शर्मा: राजीव के जमाने से कांग्रेस के भरोसेमंद, गांधी परिवार को लड़ाते रहे हैं चुनाव, पहली बार खुद रण में
Fri, 03 May 2024 10:26 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 03 May 2024 10:26 AM IST
सार
वक्त के साथ लोग कांग्रेस को छोड़ने लगे लेकिन, केएल शर्मा की निष्ठा और वफादारी में कभी कोई कमी नहीं आई। कभी केएल शर्मा बिहार के प्रभारी रहे तो कभी पंजाब कमेटी के सदस्य भी बने। एआईसीसी के मेंबर रहे तो कभी चुनावी बागडोर उनके हाथों में रही।
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केएल शर्मा अमेठी से बनाए गए प्रत्याशी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
स्मृति ईरानी के सामने इस बार सियासी रण में राजीव गांधी के साथ काम कर चुके सोनिया गांधी के प्रतिनिधि किशोरी लाल शर्मा चुनावी समर में उतरेंगे। यह उनका पहला चुनाव है, जिसमें वह खदु चुनावी रण में है। यह बात अलग है कि राजीव, कैप्टन सतीश शर्मा, सोनिया गांधी व राहुल गांधी के चुनाव का प्रबंधन वह देख चुके हैं।
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अमेठी से कांग्रेस ने केएल शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। केएल शर्मा को गांधी परिवार का बेहद करीबी माना जाता है। उनका रिश्ता न सिर्फ अमेठी बल्कि रायबरेली से भी है। रायबरेली में सोनिया गांधी के प्रतिनिधि के रूप में लंबे समय से केएल शर्मा ही कामकाज देख रहे है।
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केएल शर्मा का पूरा नाम किशोरी लाल शर्मा है। मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले किशोरी लाल शर्मा ने 1983 में राजीव गांधी के साथ रायबरेली और अमेठी में कदम रखा था। राजीव गांधी की मौत के बाद गांधी परिवार से उनके रिश्ते पारिवारिक हो गए। इसके बाद वह गांधी परिवार के ही हो कर रह गए। 1991 में राजीव गांधी की मौत के बाद सतीश शर्मा के कार्यों को देखने रायबरेली और अमेठी आते जाते रहते थे। जब पहली बार सोनिया गांधी सक्रिय राजनीति में अमेठी आईं तो केएल शर्मा उनके साथ-साथ अमेठी आ गए। जब सोनिया गांधी ने राहुल गांधी के लिए अमेठी सीट छोड़ दी और खुद रायबरेली आ गईं तो केएल शर्मा ने रायबरेली और अमेठी दोनों ही सीटों की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली।
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केएल शर्मा रायबरेली और अमेठी दोनों ही सीटों पर कार्यों की देखरेख करने लगे। वक्त के साथ लोग कांग्रेस को छोड़ने लगे लेकिन, केएल शर्मा की निष्ठा और वफादारी में कभी कोई कमी नहीं आई। कभी केएल शर्मा बिहार के प्रभारी रहे तो कभी पंजाब कमेटी के सदस्य भी बने। एआईसीसी के मेंबर रहे तो कभी चुनावी बागडोर उनके हाथों में रही।
अमेठी फैक्ट फाइल
कुल विधानसभा- 5
कुल मतदाता- 1786125
पुरुष मतदाता-937147
महिला मतदाता- 848878
थर्ड जेंडर- 100
सर्विस वोटर- 2606
मतदेय स्थल- 1923
मतदान केंद्र- 1125
जातिगत आंकड़ा
अनुसूचित जाति- 25 प्रतिशत
मुस्लिम- 21 प्रतिशत
पिछड़ा वर्ग- 23 प्रतिशत
ब्राह्मण-16 प्रतिशत
ठाकुर- 13 प्रतिशत
अन्य= दो प्रतिशत
नोट: यह आंकड़े राजनीतिक पार्टियों से जुटाए गए हैं।
अमेठी में वर्ष 1999 में सोनिया गांधी ने पहला चुनाव लड़ा था।