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राममंदिर के लिए आज दो करोड़ का चेक डीएम को सौंपेंगे पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल
Mon, 10 Feb 2020 12:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 10 Feb 2020 12:33 AM IST
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ram mandir
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल ने राममंदिर के लिए दस करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी। अब चूंकि राममंदिर के लिए ट्रस्ट का गठन हो चुका है और शीघ्र ही राममंदिर का निर्माण शुरू होने वाला है इसलिए पहली किस्त के रूप में दो करोड़ रुपये का चेक पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल द्वारा सोमवार को डीएम को सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी इच्छा है कि राममंदिर के गर्भगृह की दीवार सोने से मंडित हो। इसके लिए वे शीघ्र राममंदिर के ट्रस्टियों से मुलाकात कर चर्चा भी करेंगे।
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इस बीच खबर है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा ट्रस्ट के गठन के बाद तारीख का एलान जल्द हो सकता है। मंदिर निर्माण के लिए स्थापित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक 19 फरवरी को प्रस्तावित है। भाजपा नेता और ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने इसकी पुष्टि की है।
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राममंदिर के लिए तराशे गए पत्थरों की उपयोगिता पर मंथन तेज
राममंदिर ट्रस्ट में फिलहाल जिन सदस्यों को जगह दी गई है उनमें विहिप का एक भी सदस्य नहीं है। इससे सवाल उठता है कि अयोध्या में विहिप की कार्यशाला में राममंदिर के लिए तराशे गए पत्थरों का भविष्य क्या होगा। साथ ही राममंदिर के लिए तराशे गए पत्थरों की उपयोगिता पर मंथन भी तेज हो गया है। इन पत्थरों का राममंदिर में किस तरह प्रयोग किया जाएगा ये अभी भविष्य के गर्भ में है।
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लेकिन, इतना तय है कि राममंदिर के लिए तराशे गए पत्थरों की उपयोगिता अब नवगठित ट्रस्ट को ही तय करनी है। हालांकि, विहिप को अब भी उम्मीद है कि राममंदिर उनके प्रस्तावित मॉडल एवं तराशे गए पत्थरों से ही बनेगा। क्योंकि, करोड़ों रुपये लागत वाले इन पत्थरों को इसी के हिसाब से तराशा गया है। अमित शाह कह चुके हैं कि अयोध्या में बनने वाला मंदिर गगनचुंबी होगा।
इसके बाद से ही विहिप के मॉडल की लंबाई-चौड़ाई पर सवाल उठने लगे थे। अब ट्रस्ट में विहिप के एक भी प्रतिनिधि को शामिल नहीं किए जाने के बाद तराशे गए इन पत्थरों की उपयोगिता भी सवालों के घेरे में आ गई है। ऐसे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि नवगठित ट्रस्ट इन पत्थरों को दान में लेकर मंदिर निर्माण में उपयोग कर सकता है। राममंदिर के लिए अब तक एक लाख दस हजार घनफुट पत्थरों को तराशा जा चुका है।