बीट सिस्टम से ही बेहतर हो सकती है पुलिसिंगः पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी
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पुडुचेरी की उप राज्यपाल व देश की पहली महिला पुलिस कमिश्नर डॉ. किरन बेदी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए आज भी बीट सिस्टम पुलिसिंग से बेहतर कुछ नहीं है। बीट पर काम करने वाले पुलिस कर्मियों से दूसरी ड्यूटी नहीं ली जानी चाहिए।
वे बृहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित ‘47वीं ऑल इंडिया पुलिस साइंस कांग्रेस’ को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि बीट पुलिसिंग को बेहतर करने से न सिर्फ क्षेत्र की सूचनाएं पुलिस तक पहुंचने में आसानी होगी, बल्कि अपराधों में भी कमी आएगी।
ऐसा नहीं है कि बीट पुलिसिंग नहीं हो रही है, लेकिन इसे और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने दिल्ली में पुलिस अधिकारी के रूप में किए गए अपने कामों का जिक्र करते हुए कहा कि हर बीट क्षेत्र में बीट बॉक्स बनाया था, बीट का सिपाही उस क्षेत्र को छोड़ नहीं सकता था। कानून व्यवस्था, वीआईपी ड्यूटी में भी उसे नहीं हटाया जाता था। यही वजह थी कि क्षेत्र की एक-एक घटना और एक-एक व्यक्ति जानकारी उसे होती थी।
उन्होंने कहा कि आज देश में हर क्षेत्र में बीट पुलिसिंग की सख्त जरूरत है। इसलिए हर क्षेत्र में सुरक्षा के लिए बीट बॉक्स और बूथ को बनाना जरूरी है। इसके लिए अलग से बजट की जरूरत नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की मदद से बीट बॉक्स और बूथ बनाए जाएं।
फील्ड के पुलिस कर्मियों के साथ जरूरी है ब्रीफिंग
डॉ. बेदी ने कहा कि न्याय किसी भी पुलिस अधिकारी का लक्ष्य होना चाहिए। फोर्स में 80 फीसदी संख्या सिपाही और दीवान (मुख्य आरक्षी) की होती है। उन्हें मुख्य केंद्र में लाना जरूरी है। पुलिसकर्मियों से उन्होंने कहा कि वर्दी ही हमारा मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा है।
हमें आगे बढ़ने के लिए अपने हौसले से काम लेना चाहिए और न्याय का रास्ता कभी नहीं छोड़ना चाहिए। इससे पहले किरण बेदी ने सिग्नेचर बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर लगाई गई प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। उन्होंने पुलिस मुख्यालय के कई तलों पर जाकर कार्यालयों को भी देखा।
इसमें डीजीपी का दफ्तर और ट्रेनिंग निदेशालय का वर्चुअल क्लासरूम मुख्य था। इससे पहले डीजीपी ओपी सिंह ने पुलिस की खूबियां बताई। कार्यक्रम में ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डवलपमेंट के डीजी वीएसके कौमुदी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी और ऑल इंडिया पुलिस साइंस कांग्रेस आयोजन समिति की अध्यक्ष रेणुका मिश्रा भी शामिल हुईं।
बेदी ने कहा कि फील्ड के पुलिस कर्मियों के साथ ब्रीफिंग भी जरूरी है। रोज ब्रीफिंग से पता चलेगा कि कौन अच्छा काम कर रहा है और कौन नहीं। अच्छा काम करने वालों को मैं मौके पर ही इनाम देती थीं और कम से कम समय में इनामी उस तक पहुंचे, इसके प्रयास करती थी।
वीडियो लिंक से जोड़ें थानों को, डीजीपी खुद करें संवाद
कुंभ और अयोध्या पर फैसले के दिन शानदार पुलिसिंग के लिए मिलना चाहिए मैग्सेसे अवॉर्ड
बेदी ने कहा कि पुलिस अयोध्या प्रकरण पर फैसले को लेकर चिंतित थी, लेकिन फैसले के बाद यूपी में बहुत अच्छे तरीके से हैंडिल किया गया। इसके लिए यूपी पुलिस बधाई की पात्र है। इससे पहले पहले प्रयागराज कुंभ में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इसके लिए डीजीपी बधाई के पात्र हैं।
कुंभ और अयोध्या प्रकरण में निर्णय के बाद जिस तरह से शांति व्यवस्था कायम रही, इसके लिए पूरी यूपी पुलिस को बधाई देती हूं। उन्होंने कहा कि मेरी इच्छा है कि पुलिस मुखिया को इसके लिए मैग्सेसे अवॉर्ड मिलना चाहिए।
किरण बेदी ने कहा कि जिस तरह से सभी जिलों को वीडियो लिंक और कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया है, उसी तरह उत्तर प्रदेश के थानों को भी वीडियो लिंक से जोड़ा जाना चाहिए। दिन में एक या दो थानों के बीट सिपाहियों से डीजीपी खुद मुखातिब हो सकते हैं।
सुबह 8 से 9 बजे के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सिपाही से उसकी बीट, बीट के अपराधियों, सिपाही की समस्याओं व अच्छे कामों के बारे में पूछ लिया जाए तो भी इसका साकारात्मक असर देखने को मिलेगा।