यूपी में इलाज के नाम पर क्या चोरी हो रही हैं किडनी!
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पेट के दर्द का इलाज कराने नेपालगंज से लखनऊ आया एक युवक संदिग्ध हालात में लापता हो गया। उसके बहनोई ने किडनी चोरों द्वारा युवक को अगवा करने का शक जताते हुए पुलिस अफसरों से गुहार लगाई है।
वहीं, नेपाल के पुलिस अफसर ने भी एसएसपी को पत्र लिखा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नेपालगंज-24 निवासी केंद्र बहादुर राना अपने परिवारीजनों से लखनऊ में पेट के दर्द का इलाज कराने की बात कहकर 11 मई को घर से निकला था।
अगले दिन उसने नेपाल के जिला बांके निवासी अपने बहनोई चक्र बहादुर बुढा क्षेत्री से फोन पर बात की। उन्हें बताया कि एक बहुत अच्छे व्यक्ति से मुलाकात हुई है, जो मुफ्त में इलाज कराते हैं।
इसके कई दिन बाद भी केंद्र बहादुर की कोई खबर न मिलने पर बहनोई ने उसी मोबाइल नंबर पर कॉल की। केंद्र बहादुर के बारे में पूछने पर टालमटोल करने लगा।
अनहोनी का शक होने पर चक्र बहादुर ने जिला बांके के प्रहरी निरीक्षक (एसपी) हिक्मत बहादुर वोहरा से गुहार लगाई। उन्होंने लखनऊ पुलिस को चक्र बहादुर की मदद के लिए पत्र लिखा।
साले की तलाश में लखनऊ पहुंचा चक्र बहादुर
लापता साले को तलाश करते चक्र बहादुर लखनऊ पहुंचा और एसएसपी के शिकायत प्रकोष्ठ में अर्जी दी। चक्र बहादुर ने एएसपी ग्रामीण को बताया कि केंद्र बहादुर ने जिस अच्छे व्यक्ति के नंबर से कॉल की थी उससे 20 मई को मोबाइल पर बात हुई।
बोला कि इस अस्पताल में इलाज न हो पाने की वजह से केंद्र बहादुर को दूसरे अस्पताल में ले जा रहा है। अस्पताल का नाम व पता पूछने पर उसने फोन काट दिया। इसके बाद कॉल रिसीव नहीं कर रहा है।
चक्र बहादुर ने किडनी चोरों द्वारा केंद्र बहादुर को अगवा करने का शक जताते हुए कार्रवाई की मांग की। उसने कहा कि शहर के विभिन्न अस्पतालों के चक्कर काट चुका है।
पुलिस ने इलेक्ट्रानिक सर्विलांस की मदद से केंद्र बहादुर का पता लगाने के लिए संदिग्ध नंबर का कॉल डिटेल मंगाया।
सूत्रों ने जानकारी दी है कि जिस मोबाइल नंबर से केंद्र बहादुर ने अपने परिवारीजनों से बात की थी, उसका लोकेशन वाराणसी में था।
नेपाली युवक की तलाश में जुटी पुलिस टीम का मानना है कि इलाज के लिए निकले केंद्र बहादुर की सफर के दौरान अजनबी व्यक्ति से मुलाकात हुई। वह मुफ्त में इलाज का झांसा देकर उसे साथ ले गया।