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नशे की दवा खिलाकर, नकाब पहनाकर किशोर को ले जा रहे थे अपरहणकर्ता, ग्रामीणों के दौड़ाया तो छोड़कर भागे
Mon, 26 Aug 2019 11:55 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 26 Aug 2019 11:55 AM IST
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मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : amar ujala
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बाराबंकी के सफेदाबाद में शनिवार की रात को घर में घुसकर कुछ बदमाशों ने एक गरीब किशोर का अपरहण कर लिया। 17 घंटे तक अपहरणकर्ताओं ने किशोर को उसी गांव के अज्ञात घर में छुपाए रखा। रविवार शाम तक को अपरहणकर्ता ने उनको नशे की दवा खिलाकर और नकाब पहनाकर ले जा रहे थे, तो ग्रामीणों को शक हुआ। उन्होंने अपहरणकर्ताओं का पीछा किया तो वे किशोर को छोड़कर फरार हो गए।
थाना नगर कोतवाली अंतर्गत सरथरा गांव का सोलह वर्षीय किशोर शाहरुख पुत्र कासिम गांव की बाजार में नाई का काम करता है। वह अपनी माता सुरैया, पिता कासिम, चार भाई व तीन बहनों के साथ रहता है। पिता कासिम ने बताया कि शनिवार रात शाहरुख अकेले कमरे में था। परिवार के बाकी सदस्य कमरे के बाहर रखे छप्पर के नीचे सो रहे थे।
रात लगभग दो बजे कमरे के बगल में दूसरे छप्पर के नीचे बंधी बकरियां जोर जोर से चिल्लाने लगी। कमरे में जाकर देखा तो वहां शाहरुख नहीं था। कुछ देर इंतेजार करने के बाद भी जब वह वापस नहीं आया तो गांव में उसकी खोज शुरू की गई। लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। कुछ देर बाद उसके घर से गायब होने की खबर गांव में फैल गयी। सुबह होते ही परिवारीजन मोहम्मदपुर पुलिस चौकी गए जहां उसकी गुमशुदगी की तहरीर दी।
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थाना नगर कोतवाली अंतर्गत सरथरा गांव का सोलह वर्षीय किशोर शाहरुख पुत्र कासिम गांव की बाजार में नाई का काम करता है। वह अपनी माता सुरैया, पिता कासिम, चार भाई व तीन बहनों के साथ रहता है। पिता कासिम ने बताया कि शनिवार रात शाहरुख अकेले कमरे में था। परिवार के बाकी सदस्य कमरे के बाहर रखे छप्पर के नीचे सो रहे थे।
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रात लगभग दो बजे कमरे के बगल में दूसरे छप्पर के नीचे बंधी बकरियां जोर जोर से चिल्लाने लगी। कमरे में जाकर देखा तो वहां शाहरुख नहीं था। कुछ देर इंतेजार करने के बाद भी जब वह वापस नहीं आया तो गांव में उसकी खोज शुरू की गई। लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। कुछ देर बाद उसके घर से गायब होने की खबर गांव में फैल गयी। सुबह होते ही परिवारीजन मोहम्मदपुर पुलिस चौकी गए जहां उसकी गुमशुदगी की तहरीर दी।
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रविवार शाम सात से आठ बजे के बीच गांव की बिजली चली गई। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने तीन लोगों को नकाब पहनकर गांव के बाहर जाते देखा। ग्रामीणों को उनकी गतिविधि पर शक हुआ और उनका पीछा किया। पीछा करते ग्रामीणों को देख बुर्खा पहने अपहरणकर्ता फरार हो गए। एक व्यक्ति नहीं भाग पाया जिसको ग्रामीणों ने पकड़ लिया। जब उसका बुर्खा उतारकर देखा गया तो वह शाहरुख निकला। वह आधी बेहोशी की हालत में था।
ग्रामीण उसको लेकर हिन्द अस्पताल गए। जहां चिकित्सकों ने पुलिस केस की बात कहकर उसका इलाज नहीं किया। तब परिवारीजन उसको घर ले आये। उसको बेहोशी की दवा देकर सत्रह घंटे तक उसको बंधक बनाकर रखा गया था। रविवार रात लगभग दस बजे पुलिस ने किशोर से पूछताछ की, लेकिन वह कुछ नहीं बता सका। फिर पुलिस उसे लेकर जिला अस्पताल चली गयी।
ग्रामीण उसको लेकर हिन्द अस्पताल गए। जहां चिकित्सकों ने पुलिस केस की बात कहकर उसका इलाज नहीं किया। तब परिवारीजन उसको घर ले आये। उसको बेहोशी की दवा देकर सत्रह घंटे तक उसको बंधक बनाकर रखा गया था। रविवार रात लगभग दस बजे पुलिस ने किशोर से पूछताछ की, लेकिन वह कुछ नहीं बता सका। फिर पुलिस उसे लेकर जिला अस्पताल चली गयी।