सूझ-बूझ से अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटा बच्चा, पढ़ें कहानी
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बाइक सवार दो बदमाशों ने बुधवार दोपहर सीतापुर के मिश्रिख इलाके से एक होमगार्ड के बेटे आशुतोष (11) को स्कूल से निकलते ही अगवा किया। स्कूल ड्रेस की टाई उसके मुंह पर बांधी और बाइक पर बीच में बैठाकर आलमनगर की तरफ ले जा रहे थे।
निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास बिखरी बजरी पर बाइक स्लिप होने से बदमाशों के चंगुल से छूटे छात्र ने दौड़ लगाई और आरपीएफ के जवानों की शरण में जा पहुंचा। आरपीएफ ने अपहरणकर्ताओं की तलाश के लिए पुलिस को सूचना दी है।
आरपीएफ की आलमनगर चौकी इंचार्ज प्रभु नारायण ने बताया कि हेड कांस्टेबल रामराज व सुदर्शन सिंह रावत बुधवार देर शाम स्टेशन के पश्चिमी क्षेत्र में गश्त पर थे।
इस बीच स्कूल ड्रेस पहने एक बच्चा बुरी तरह घबराया हुआ उनके पास पहुंचा और अपने अपहरण की जानकारी दी। दोनों जवानों ने बच्चे को साथ लेकर उसके बताए स्थान पर अपहरणकर्ताओं की तलाश की लेकिन वह बाइक समेत भाग चुके थे।
बच्चे को दी जान से मारने की धमकी
उसने खुद को मिश्रिख सीतापुर के भगवत मेमोरियल इंटर कॉलेज में छठी का छात्र आशुतोष शुक्ला बताया। बोला कि पिता राजनारायण शुक्ला होमगार्ड हैं। आशुतोष के मुताबिक, वह बुधवार दोपहर एक बजे स्कूल में छुट्टी होने पर निकला।
बाइक सवार दो व्यक्तियों ने कहा कि उसे पिता ने बुलाया है। विश्वास दिलाकर बाइक पर बीच में बैठाया। इसके साथ बाइक को मिश्रिख-सिधौली रोड पर दौड़ा दिया। आशुतोष ने शोर मचाने की कोशिश की लेकिन पीछे बैठे बदमाश ने मुंह दबाया और जान से मारने की धमकी देने के साथ स्कूल टाई उसके मुंह पर बांध दी।
आशुतोष का कहना है कि सिधौली से अटरिया-इटौंजा होते हुए बीकेटी से बदमाश हरदोई रोड से दुबग्गा होते हुए रिंग रोड पर पहुंचे। बुद्धेश्वर चौराहा से आलमनगर के रास्ते पर ले जा रहे थे।
निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास सड़क पर बजरी पर गुजरने के दौरान बाइक स्लिप हो गई। बाइक गिरते ही बच्चे ने दौड़ लगा दी। दोनों बदमाशों के संभलने से पहले वह रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और आलमनगर स्टेशन की तरफ भागा और आरपीएफ की शरण में जा पहुंचा।