माफिया बोला, पैसा दो तो जेल में मिलती हैं सारी सुविधाएं, मोबाइल के लिए अधीक्षक को दिए एक लाख
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डेढ़ माह से सुल्तानपुर जिला कारागार में बंद अंबेडकरनगर जिले के माफिया खान मुबारक ने शुक्रवार को दीवानी न्यायालय परिसर में जेल अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए। पेशी पर कोर्ट पहुंचे माफिया ने कहा कि जेब में पैसा हो तो जेल में सारी सुविधाएं मिलती हैं। जिसे मैं खरीदता हूं। खरीदने वाला गुनहगार है तो बेचने वाला क्यों नहीं।
उसने कहा कि जिला कारागार में मोबाइल फोन रखने के लिए जेल अधीक्षक से उसकी एक लाख रुपये में डील हुई थी। पैसे के बंटवारे को लेकर अधीक्षक का जेलर से विवाद हो गया। उसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा। जेल अधीक्षक की रिपोर्ट पर शासन ने उसे जिला कारागार से लखनऊ कारागार शिफ्ट कर दिया।
खान मुबारक 24 मई 2018 को लखनऊ जेल से जिला कारागार सुल्तानपुर शिफ्ट किया गया था। पिछले दिनों अमेठी के पूर्व मंत्री जंग बहादुर सिंह की हत्या की साजिश रचने के मामले में खान मुबारक को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। इसी मामले में शुक्रवार को दीवानी न्यायालय में खान मुबारक की पेशी थी। पेशी पर पहुंचे खान मुबारक ने मीडिया से कहा कि सुल्तानपुर जेल अधीक्षक अमिता दूबे से मोबाइल रखने के लिए एक लाख रुपये की डील हुई थी।
आरोप लगाया कि हिस्सा न मिलने पर जेल अधीक्षक और जेलर धर्मपाल सिंह में झगड़ा हुआ और मैं पिस गया। जेल अधीक्षक की पहुंच के कारण उसका जिला कारागार से लखनऊ कारागार ट्रांसफर कर दिया गया। खान मुबारक से जब अंबेडकर नगर में डॉक्टर से फिरौती मांगने के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि नोटबंदी के दौरान डॉक्टर को उसने 20 लाख रुपये दिए थे। उस रकम में 14 लाख रुपये डॉक्टर ने उसे वापस भी कर दिया। बकाया छह लाख रुपये डॉक्टर से मांगे तो उस पर फर्जी केस दर्ज करा दिया गया।
हत्या कराने के लिए रची जा रही है साजिश
खान मुबारक ने दावा किया कि राजनीतिक व्यक्तियों की ओर से उसकी हत्या की साजिश रची जा रही है। खान मुबारक के अधिवक्ता पंकज रविवंश ने बताया कि पूर्व मंत्री जंग बहादुर सिंह की हत्या की साजिश रचने के मामले में खान मुबारक पर अमेठी में केस दर्ज हुआ था। मामले में वारंट पर शुक्रवार को खान मुबारक की पेशी थी।
जेल से ट्रांसफर होने पर अपराधी लगाते ऐसे आरोप
जेल अधीक्षक अमिता दूबे का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर (सीयूजी) पर कई बार फोन करने बावजूद कॉल रिसीव नहीं हुई। जेलर धर्मपाल सिंह ने कहा कि हर व्यक्ति स्वतंत्र हैं। जब भी किसी अपराधी का गैर जिले के कारागार में स्थानांतरण होता है तो वह कुछ न कुछ आरोप लगाता ही है। खान मुबारक का ट्रांसफर शासन के आदेश पर किया गया है।
24 मई को खान मुबारक जेल में पहुंचा था। अंबेडकरनगर में जिस डॉक्टर को धमकी देने का मामला प्रकाश में आया था, वह 15 मई का है। उस समय खान मुबारक लखनऊ जेल में ही बंद था।