KGMU: बिना विज्ञापन की गईं सारी भर्तियां निरस्त!
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किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की एडवांस रिसर्च लैब में भर्ती घोटाला सामने आया है। अधिकारियों ने बिना विज्ञापन निकाले ही तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के छह पदों पर भर्ती कर ली।
कुलपति को जब इसका पता चला तो उन्होंने पूरे मामले की जानकारी मांगी और प्रथम दृष्टया गड़बड़ी सामने आने पर सभी भर्तियां निरस्त कर दी हैं।
पूर्व कुलपति प्रो. डीके गुप्ता के कार्यकाल में शोध कार्यों के लिए एडवांस रिसर्च लैब की स्थापना की की गई थी। इस लैब की स्थापना के समय ही करोड़ों रुपये के घोटाले सामने आए थे।
प्रशासन ने नहीं की कार्रवाई
पूर्व कुलपति पर एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोप लगे थे, लेकिन शासन-प्रशासन से कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इसी रिसर्च लैब में भर्ती घोटाला सामने आया है।
बताया जा रहा है कि कुलपति प्रो. रविकांत ने विभाग की जिम्मेदारी अस्थायी तौर पर हेमेटोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एके त्रिपाठी को दी थी। लैब के लिए शिक्षकों और वैज्ञानिकों के पद का विज्ञापन केजीएमयू प्रशासन पहले ही निकाल चुका है।
लेकिन इसी बीच तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर बिना विज्ञापन के ही नियुक्ति का मामला सामने आ गया। आरोप है कि सभी भर्ती मोटी रकम लेकर की गई।
दिया जांच का आदेश
मामले का खुलासा तब हुआ जब तैनाती के बाद नवनियुक्त कर्मचारी अपना पदभार संभालने विभाग पहुंचे। इसकी जानकारी मिलने पर वीसी ने जांच के बाद सभी भर्तियों को निरस्त कर दिया और एक जांच कमेटी का गठन कर दिया। ये कमेटी ही संविदा पर कर्मचारियों की भर्ती करेगी।
एडवांस रिसर्च लैब में नियुक्ति पाने वाले किस अधिकारी के खास हैं इसकी पड़ताल भी शुरू हो गई है। दिनेश साहू, महिमा चौधरी, रघुवेंद्र सिंह और निरंजन नाम के इन कर्मचारियों का सिजरा भी खोजा जा रहा है।
वहीं प्रो. एके त्रिपाठी का कहना है कि विभाग में कर्मचारियों की जरूरत थी। इसके लिए सेवा प्रदाता कंपनी से कुछ कर्मचारी लिए गए थे।