कुछ कोरोना मरीज जल्दी ठीक हो रहे पर कुछ में लग रहा ज्यादा वक्त, मंथन में जुटी केजीएमयू टीम
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केजीएमयू के रेजीडेंट डॉक्टर के भी ठीक होने में वक्त लग रहा है। रेजीडेंट डॉक्टर में 18 दिन बाद भी संक्रमण खत्म नहीं हुआ। आखिर कुछ मरीजों में संक्रमण खत्म होने में ज्यादा वक्त क्यों हो रहा है, इसका पता लगाने में केजीएमयू की टीम जुट गई है।
इसके लिए इलाज के पैटर्न का रिव्यू किया जा रहा है। लखनऊ में अभी तक 10 मरीज पाए गए हैं, जबकि 21 मरीज दूसरे जिलों के यहां भर्ती हैं। राजधानी के मरीजों में एक पीजीआई, सात केजीएमयू और दो कमांड हॉस्पिटल में भर्ती हैं।
केजीएमयू में पहली पॉजिटिव मरीज के रूप में कनाडा से लौटने वाली डॉक्टर थीं, जिन्हें 11 मार्च को भर्ती कराया गया। 21 मार्च को यानी 10 दिन बाद उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई।
कहीं कोई दूसरा वायरस के भी तो लक्षण नहीं
इसी तरह 20 मार्च को पीजीआई में भर्ती की गई कनिका कपूर की पहली रिपोर्ट भी चार अप्रैल यानी 15 दिन बाद निगेटिव आ गई। लेकिन 14 मार्च को भर्ती कराया गई महिला डॉक्टर के रिश्तेदार और 18 मार्च को भर्ती कराए गए केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टर की जांच रिपोर्ट अभी तक निगेटिव नहीं आई है।
केजीएमयू की टीम उन कारणों की पड़ताल में जुट गई है जिसकी वजह से अभी तक कई मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव नहीं आ सकी है।
हम कोई चूक नहीं छोड़ना चाहते
वायरस के निगेटिव होने में कई बार 21 से 27 दिन लगते हैं। ज्यादातर मरीजों में 14 दिन में संक्रमण खत्म हो जाता है। हमारी टीम किसी भी तरह की चूक नहीं छोड़ना चाहती। इसीलिए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है। इस दौरान अभी तक संक्रमण खत्म नहीं होने के कारणों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। - डॉक्टर डी हिमांशु, प्रभारी संक्रमण नियंत्रण यूनिट, केजीएमयू