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Lucknow News: रमीज के मददगारों की जांच एसटीएफ से कराने की सिफारिश
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धर्मांतरण कराने के आरोपी डॉ. रमीज मलिक के मददगारों का पता लगाने के लिए एसटीएफ जांच की सिफारिश की गई है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में पूर्व डीजीपी भावेश कुमार सिंह समेत सात सदस्यीय समिति ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट फाइल की।
केजीएमयू रेजिडेंट का धर्मांतरण कराने के मामले में तीन स्तरीय जांच हो रही थी। विशाखा समिति ने अपनी जांच में डॉ. रमीज मलिक को यौन शोषण का दोषी पाया था। वहीं दूसरी समिति धर्मांतरण के लिए दबाव डालने और आरोपी की मदद करने संबंधी आरोपों की जांच कर रही थी। समिति ने अपनी जांच में सीधे तौर पर किसी को दोषी नहीं पाया है, लेकिन मामला गंभीर होने की वजह से एसटीएफ से जांच की सिफारिश की है। जांच के दौरान समिति ने एक ईमेल आईडी जारी की थी और विभागवार ऐसे किसी भी मामले की जानकारी देने के लिए कहा था। हालांकि इस मामले में समिति किसी विभाग से धर्मांतरण संबंधी कोई साक्ष्य नहीं मिला।
कोट
केजीएमयू की सात सदस्यीय समिति ने अपनी जांच पूरी करके रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने मामले की जांच एसटीएफ से कराने की सिफारिश की है।
प्रो. केके सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू
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केजीएमयू रेजिडेंट का धर्मांतरण कराने के मामले में तीन स्तरीय जांच हो रही थी। विशाखा समिति ने अपनी जांच में डॉ. रमीज मलिक को यौन शोषण का दोषी पाया था। वहीं दूसरी समिति धर्मांतरण के लिए दबाव डालने और आरोपी की मदद करने संबंधी आरोपों की जांच कर रही थी। समिति ने अपनी जांच में सीधे तौर पर किसी को दोषी नहीं पाया है, लेकिन मामला गंभीर होने की वजह से एसटीएफ से जांच की सिफारिश की है। जांच के दौरान समिति ने एक ईमेल आईडी जारी की थी और विभागवार ऐसे किसी भी मामले की जानकारी देने के लिए कहा था। हालांकि इस मामले में समिति किसी विभाग से धर्मांतरण संबंधी कोई साक्ष्य नहीं मिला।
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कोट
केजीएमयू की सात सदस्यीय समिति ने अपनी जांच पूरी करके रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने मामले की जांच एसटीएफ से कराने की सिफारिश की है।
प्रो. केके सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू