{"_id":"5d3228588ebc3e6c9568dc2a","slug":"kgmu-negligence-lucknow-news-lko471707484","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेट दर्द समझकर डॉक्टर करते रहे इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेट दर्द समझकर डॉक्टर करते रहे इलाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पेट दर्द की देते रहे दवाएं, करना पड़ा इमरजेंसी ऑपरेशन
लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। पेट दर्द की शिकायत पर डॉक्टर मरीज को पेन किलर लगाते रहे। इस दौरान मरीज की हालत बिगड़ गई। तीमारदार मरीज को लेकर केजीएमयू गए। जहां पर जांच में एपेंडिक्स में संक्रमण की वजह से उसका इमरजेंसी ऑपरेशन करना पड़ा। तीमारदार का कहना है कि बलरामपुर अस्पताल की गलत जांच रिपोर्ट से मरीज का गलत इलाज होने लगा था। इससे उसकी हालत गंभीर हो गई थी।
मशकगंज निवासी संजीव श्रीवास्तव का बेटा शिवम 25 को पेट में असहनीय दर्द उठने पर बीती 15 जुलाई की रात इमरजेंसी में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने पेट दर्द होने पर दर्द निवारक इंजेक्शन लगा दिए। कुछ राहत होने पर सुबह मरीज का अल्ट्रासाउंड कराया गया। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में मरीज का फैटी लिवर व गैस की समस्या दिखाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर ने इलाज की दिशा बदल दी। मरीज का गलत इलाज चलने लगा। इस दौरान उसकी हालत बिगड़ने लगी। तीमारदारों ने मरीज को डिस्चार्ज कराकर केजीएमयू शताब्दी विभाग में ले गए। जहां पर गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में डॉ. विशाल ने मरीज की जांच किया तो पता चला एपेडिंक्स में संक्रमण है। इमरजेंसी में मरीज का लैप्रोस्कोपी जरिए ऑपरेशन किया। मरीज की हालत में सुधार होने पर शुक्रवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। पिता संजीव का कहना है कि वह मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर करेंगे। निदेशक डॉ. राजीव लोचन के मुताबिक, तीमारदार शिकायत करते हैं तो मामले की जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। पेट दर्द की शिकायत पर डॉक्टर मरीज को पेन किलर लगाते रहे। इस दौरान मरीज की हालत बिगड़ गई। तीमारदार मरीज को लेकर केजीएमयू गए। जहां पर जांच में एपेंडिक्स में संक्रमण की वजह से उसका इमरजेंसी ऑपरेशन करना पड़ा। तीमारदार का कहना है कि बलरामपुर अस्पताल की गलत जांच रिपोर्ट से मरीज का गलत इलाज होने लगा था। इससे उसकी हालत गंभीर हो गई थी।
मशकगंज निवासी संजीव श्रीवास्तव का बेटा शिवम 25 को पेट में असहनीय दर्द उठने पर बीती 15 जुलाई की रात इमरजेंसी में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने पेट दर्द होने पर दर्द निवारक इंजेक्शन लगा दिए। कुछ राहत होने पर सुबह मरीज का अल्ट्रासाउंड कराया गया। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में मरीज का फैटी लिवर व गैस की समस्या दिखाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर ने इलाज की दिशा बदल दी। मरीज का गलत इलाज चलने लगा। इस दौरान उसकी हालत बिगड़ने लगी। तीमारदारों ने मरीज को डिस्चार्ज कराकर केजीएमयू शताब्दी विभाग में ले गए। जहां पर गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में डॉ. विशाल ने मरीज की जांच किया तो पता चला एपेडिंक्स में संक्रमण है। इमरजेंसी में मरीज का लैप्रोस्कोपी जरिए ऑपरेशन किया। मरीज की हालत में सुधार होने पर शुक्रवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। पिता संजीव का कहना है कि वह मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर करेंगे। निदेशक डॉ. राजीव लोचन के मुताबिक, तीमारदार शिकायत करते हैं तो मामले की जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन