केजीएमयू में 17 फरवरी को हो चुका पेपर निरस्त, व्हाट्सऐप पर हुआ था लीक
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केजीएमयू कुलपति प्रो. रविकांत ने 17 फरवरी को हुए माइक्रोबायोलॉजी के फर्स्ट पेपर को निरस्त कर दिया है। परीक्षा की नई तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि इस बार पेपर और अधिक सुरक्षा इंतजामों के साथ ऑनलाइन जारी किया जाएगा।
केजीएमयू अपने साथ-साथ संबद्ध कन्नौज, जालौन, इलाहाबाद, आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस परीक्षाएं कराता है। 17 फरवरी को सभी मेडिकल कॉलेजों में माइक्रोबायोलॉजी का प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा थी।
18 फरवरी को कन्नौज मेडिकल कॉलेज के पर्यवेक्षक ईएनटी विशेषज्ञ डॉ.एचपी सिंह को छात्रों ने बताया कि 17 फरवरी को हुई माइक्रोबॉयोलॉजी का प्रथम प्रश्न पत्र की फोटो वॉट्सएप ग्रुप पर आई है।
इसकी सूचना डॉ.एचपी सिंह ने केजीएमयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो.एके सिंह को दी। उन्होंने पूरी जानकारी से केजीएमयू कुलपति प्रो. रविकांत को अवगत कराया। परीक्षा के चार दिन बाद 21 फरवरी को प्रो.एके सिंह ने कुलपति के नाम से एक आदेश जारी करते हुए पूरे मामले की जांच डीन डेंटल प्रो. शादाब मोहम्मद, माइक्रोबायोलॉजी विभाग की हेड प्रो. अमिता जैन और फिजियोलॉजी विभाग के प्रो. संदीप भट्टाचार्य को सौंप दी।
उन्हें आदेश दिया गया कि 72 घंटे में वह जांच रिपोर्ट दें। इस आदेश के छह दिन बीतने के बाद केजीएमयू कुलपति ने 27 को माइक्रोबायोलॉजी की परीक्षा को निरस्तकर दिया।
ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से भेजा जाएगा पेपर
कुलपति प्रो. रविकांत ने बताया कि पेपर लीक होने की आशंका को पूरी तरह से खत्म किया जाएगा। इस बार ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के जरिए सभी मेडिकल कॉलेजों को पेपर भेजा जाएगा। पेपर परीक्षा के दिन ही भेजा जाएगा और इसके खोलने का सिस्टम टाइम बाउंड होगा।
परीक्षा से मात्र आधे घंटे पहले सॉफ्टवेयर को खोला जा सकेगा। टाइमर के माध्यम से पेपर खोलने का समय केजीएमयू परीक्षा नियंत्रक कार्यालय को पता चल जाएगा। इसके बाद इसे परीक्षा केंद्रों में प्रश्न पत्र को प्रिंट कर बांटा जाएगा।
प्रश्न पत्र को किसी व्यक्ति के द्वारा भेजे जाने की प्रक्रिया को पूरी तरह से खत्म किया जा रहा है। इसके अलावा जल्दी ही ऑनलाइन परीक्षा लेने की तैयारी भी केजीएमयू कर रहा है। टीसीएस के साथ इसका ट्रायल चल रहा है। प्रश्न पत्र प्रिंट होने और बांटने के समय को कम किया जा रहा है।
जांच कमेटी ने पेपर लीक होने की आशंका से इन्कार किया है। इसके बावजूद आशंका के आधार पर परीक्षा को निरस्त क र दिया गया है। जल्दी ही नया प्रश्न पत्र बनाने के बाद परीक्षा की तारीख घोषित की जाएगी। इस बार फूलप्रूफ व्यवस्था को अपनाया जा रहा है, ताकि पेपर लीक होने की आशंका न रहे।
प्रो.रविकांत, कुलपति
केजीएमयू