फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   kgmu junior engineer suspended

लाइट घोटाले में केजीएमयू का जेई निलंबित, पुलिस नहीं दर्ज कर रही रिपोर्ट

Mon, 19 Oct 2020 01:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Mon, 19 Oct 2020 01:21 AM IST
विज्ञापन
kgmu junior engineer suspended
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

केजीएमयू में लाइट घोटाले के आरोपी जूनियर इंजीनियर विद्युत एसपी सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए एक्सईएन परितोष कुमार को जांच अधिकारी बनाया गया है। केजीएमयू प्रशासन ने पूरे मामले में एसपी सिंह सहित पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए चौक कोतवाली में तहरीर दी है।

विज्ञापन


मालूम हो कि केजीएमयू में पांच अक्तूबर को ट्रक पकड़ा गया था। इस पर जनरेटर व लाइटों के बंद पैकेट लदे थे। प्रशासन ने चार सदस्य जांच कमेटी बनाई तो सामने आया कि ये लाइटें यूपी नेडा से आई थीं। इन्हें परिसर में लगाया ही नहीं गया। काफी दिन तक रखी रहीं और अब बाहर भेजा जा रहा था।
विज्ञापन


यूपी नेडा और केजीएमयू की टीम ने संयुक्त रूप से जांच की तो पता चला कि केजीएमयू को 2646 पैकेट लाइटें उपलब्ध कराई गई। इसमें 900 पैकेट ट्रक में लदी हुई थीं। अन्य लाइटें भी परिसर में नहीं लगी है। पूरे मामले में बड़े घोटाले की बात भी सामने आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच के दौरान यह भी बात सामने आई है कि केजीएमयू में करीब 90 लाख की लाइटें आई थी, जिसमें अभी तक सिर्फ 10 लाइट लगी हैं। अन्य के बारे में नेडा की टीम जांच कर रही है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर केजीएमयू प्रशासन ने जूनियर इंजीनियर विद्युत एसपी सिंह को निलंबित कर दिया है। पूरे मामले में अनुशासनात्मक रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी एक्सईएन परितोष सिंह को सौंपी गई है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि जल्द से जल्द पूरे मामले में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

नए सिरे से केजीएमयू प्रशासन ने दी तहरीर

केजीएमयू प्रशासन ने चौक कोतवाली में भी तहरीर दी। पुलिस ने जांच की बात कहकर रिपोर्ट नहीं दर्ज की। अब नए सिरे से केजीएमयू प्रशासन ने तहरीर दी है। इसमें जेई एसपी सिंह, सामान लगवाने वाले, तीन संविदा कर्मचारियों के नाम है। हालांकि, देर शाम तक रिपोर्ट नहीं दर्ज की थी।

ट्रक पकड़े जाने के बाद अमर उजाला ने इसे मुद्दा बनाया। आशंका जताई कि लाखों रुपयों का गोलमाल हुआ है। छह अक्तूबर को माई सिटी में ‘केजीएमयू में गुपचुप भेज रहे थे 30 लाख का माल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर घोटाले का खुलासा किया था। आठ अक्तूबर को ‘केजीएमयू में दागियों पर अफसर मेहरबान’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर बताया गया कि किस तरह से पहले भी आरोपी इंजीनियर विभिन्न मामलों में संलिप्त रहे हैं।

इसके बावजूद अधिकारी मामले पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं। 11 अक्तूबर को ‘केजीएमयू : पूरी लाइटें नहीं लगाई, फिर भी कर दिया लाखों का भुगतान’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर बताया गया कि किस तरह बिना लाइट लगाए ही भुगतान कर दिया गया है। साथ ही यह भी बताया गया कि लोहिया संस्थान, आईआईटी ऑफिस, जल निगम ऑफिस सहित सात जगह लाइट लगाई गई हैं। इस पर नेडा की टीम भी अलग से जांच कर रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed