{"_id":"60d392568ebc3e3321245573","slug":"kgmu-employee-terminated-in-fraud-lko-city-news-lko583846148","type":"story","status":"publish","title_hn":"केजीएमयू में तथ्य छिपाकर मृतक आश्रित कोटे में नौकरी पाने वाली कर्मचारी बर्खास्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केजीएमयू में तथ्य छिपाकर मृतक आश्रित कोटे में नौकरी पाने वाली कर्मचारी बर्खास्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। केजीएमयू में मृतक आश्रित कोटे से हुई नियुक्तियों की जांच में लगातार गड़बड़ी सामने आ रही है। इस मामले में अब क्वीन मेरी अस्पताल में तैनात महिला कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं तीन अन्य पर भी गाज गिरने की संभावना है। इससे पहले 19 जून को भी एक कर्मचारी को बर्खास्त किया जा चुका है।
ताजा मामले में कुलसचिव आशुतोष कुमार द्विवेदी ने क्वीन अस्पताल की सफाई कर्मचारी कुमारी काले की बर्खास्तगी का आदेश जारी किया है। कर्मचारी के खिलाफ हुई शिकायत पर जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार कुमारी काले की मां की 2005 में मृत्यु हो हुई थी। उनकी मां और पिता दोनों ही केजीएमयू में नौकरी कर रहे थे। लेकिन कुमारी काले ने पिता के केजीएमयू में नौकरी करने का तथ्य छिपाकर मां की जगह मृतक आश्रित में नौकरी हासिल कर ली। जबकि नियमानुसार पिता के नौकरी में होने की वजह से उसे मृतक आश्रित कोटे का लाभ नहीं मिल सकता था। ऐसे में नियुक्ति को अवैध मानकर उसे बर्खास्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि संस्थान में मृतक के आश्रितों को नौकरी देने में नियमों की खूब धज्जियां उड़ी हैं। शिकायत जांच शुरू हुई तो एक-एक कर मामले सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार संस्थान में अभी भी आठ लोगों के खिलाफ जांच चल रही है। इसमें से तीन की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
विज्ञापन
ताजा मामले में कुलसचिव आशुतोष कुमार द्विवेदी ने क्वीन अस्पताल की सफाई कर्मचारी कुमारी काले की बर्खास्तगी का आदेश जारी किया है। कर्मचारी के खिलाफ हुई शिकायत पर जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार कुमारी काले की मां की 2005 में मृत्यु हो हुई थी। उनकी मां और पिता दोनों ही केजीएमयू में नौकरी कर रहे थे। लेकिन कुमारी काले ने पिता के केजीएमयू में नौकरी करने का तथ्य छिपाकर मां की जगह मृतक आश्रित में नौकरी हासिल कर ली। जबकि नियमानुसार पिता के नौकरी में होने की वजह से उसे मृतक आश्रित कोटे का लाभ नहीं मिल सकता था। ऐसे में नियुक्ति को अवैध मानकर उसे बर्खास्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि संस्थान में मृतक के आश्रितों को नौकरी देने में नियमों की खूब धज्जियां उड़ी हैं। शिकायत जांच शुरू हुई तो एक-एक कर मामले सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार संस्थान में अभी भी आठ लोगों के खिलाफ जांच चल रही है। इसमें से तीन की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
विज्ञापन