{"_id":"6a875b99633d48b9bd0065d9","slug":"kgmu-deputy-registrar-resigns-lucknow-news-c-13-lko1096-1884182-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: केजीएमयू के डिप्टी रजिस्ट्रार ने दिया इस्तीफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: केजीएमयू के डिप्टी रजिस्ट्रार ने दिया इस्तीफा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। निजी प्रैक्टिस के आरोपों की जांच के बीच केजीएमयू के डिप्टी रजिस्ट्रार संदीप भट्टाचार्या ने इस्तीफा दे दिया है। केजीएमयू प्रशासन ने इसे स्वीकार कर लिया है। हालांकि, आरोपों की जांच जारी रहेगी। उधर, एनाटॉमी विभाग की डॉ. ज्योति चोपड़ा को डिप्टी रजिस्ट्रार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
फिजियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर के खिलाफ आईआईएम रोड निवासी एफबी सिंह ने 21 मई को शिकायत की थी। इसमें केजीएमयू एक्ट और सेवा नियमों का उल्लंघन कर निजी प्रैक्टिस करने का आरोप लगाया गया था। यूपी मेडिकल काउंसिल और जन भवन में भी शिकायत भेजी गई थी। इसके बाद केजीएमयू ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।
समिति प्रोफेसर का बयान दर्ज कर चुकी है। करीब 45 मिनट की पूछताछ में उनसे 25 से अधिक सवाल किए गए। फोटो, मरीजों के परचे, जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज की भी पड़ताल हुई। संदीप भट्टाचार्या ने कुछ साक्ष्यों पर आपत्ति जताते हुए लिखित पक्ष दिया है। अब शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया जाएगा। समिति दोनों पक्षों के बयान और साक्ष्यों का मिलान कर रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
फिजियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर के खिलाफ आईआईएम रोड निवासी एफबी सिंह ने 21 मई को शिकायत की थी। इसमें केजीएमयू एक्ट और सेवा नियमों का उल्लंघन कर निजी प्रैक्टिस करने का आरोप लगाया गया था। यूपी मेडिकल काउंसिल और जन भवन में भी शिकायत भेजी गई थी। इसके बाद केजीएमयू ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।
विज्ञापन
समिति प्रोफेसर का बयान दर्ज कर चुकी है। करीब 45 मिनट की पूछताछ में उनसे 25 से अधिक सवाल किए गए। फोटो, मरीजों के परचे, जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज की भी पड़ताल हुई। संदीप भट्टाचार्या ने कुछ साक्ष्यों पर आपत्ति जताते हुए लिखित पक्ष दिया है। अब शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया जाएगा। समिति दोनों पक्षों के बयान और साक्ष्यों का मिलान कर रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी।
विज्ञापन