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खून चढ़ाने पर अब नहीं होगा रिएक्शन का खतरा, केजीएमयू में लगेगी दो करोड़ की मशीन
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लखनऊ। केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग में मिलने वाला खून प्रत्यारोपण वाले मरीजों के साथ ही बेहद कमजोर इम्युनिटी तथा बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत वाले मरीजों के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित होगा। अभी तक इन मरीजों में खून चढ़ाने के बाद रिएक्शन का खतरा रहता था। इसे कम करने के लिए केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग में ब्लड रेडिएटर लगाया जा रहा है। दो करोड़ की यह मशीन राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली है।
केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. तूलिका चंद्रा के अनुसार कुलपति ले. जनरल डॉ. बिपिन पुरी के प्रयासों से इस मशीन के लिए मंजूरी मिली है। अभी तक विभाग में एनटीए जांच की सुविधा है। इससे काफी हद तक रिएक्शन को कम किया जा सकता है, लेकिन कमजोर इम्युनिटी वाले मरीजों को इसके बाद भी खतरा रहता है। विवि में प्रत्यारोपण शुरू हो चुका है। प्रत्यारोपण वाले मरीजों को चढ़ने वाला खून भी रेडिएटर से साफ किया जाना चाहिए। विभाग में यह मशीन आने के बाद इन मरीजों के लिए भी यह काफी उपयोगी होगी।
खराब सफेद रक्त कणिकाओं से होती है समस्या
रेडिएटर का मुख्य काम खराब सफेद रक्त कणिकाओं (डब्ल्यूबीसी) को साफ करना है। इनकी वजह से ही कई प्रकार के रिएक्शन होते हैं। वायरल और अन्य बीमारियों की वजह भी यही खराब सफेद कणिकाएं बनती हैं। रेडिएटर का काम इनको साफ करना है। अभी तक केजीएमयू में इसकी व्यवस्था नहीं थी, लेकिन राज्य सरकार के सहयोग से यह काम भी संभव होने जा रहा है।
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सरकार ने दी मंजूरी
केजीएमयू के कुलपति ले. जनरल डॉ. बिपिन पुरी ने बताया कि ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग को राज्य सरकार की ओर से ब्लड रेडिएटर मशीन देने की मंजूरी मिली है। इससे खून की वजह से होने वाले रिएक्शन को समाप्त किया जा सकेगा।
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केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. तूलिका चंद्रा के अनुसार कुलपति ले. जनरल डॉ. बिपिन पुरी के प्रयासों से इस मशीन के लिए मंजूरी मिली है। अभी तक विभाग में एनटीए जांच की सुविधा है। इससे काफी हद तक रिएक्शन को कम किया जा सकता है, लेकिन कमजोर इम्युनिटी वाले मरीजों को इसके बाद भी खतरा रहता है। विवि में प्रत्यारोपण शुरू हो चुका है। प्रत्यारोपण वाले मरीजों को चढ़ने वाला खून भी रेडिएटर से साफ किया जाना चाहिए। विभाग में यह मशीन आने के बाद इन मरीजों के लिए भी यह काफी उपयोगी होगी।
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खराब सफेद रक्त कणिकाओं से होती है समस्या
रेडिएटर का मुख्य काम खराब सफेद रक्त कणिकाओं (डब्ल्यूबीसी) को साफ करना है। इनकी वजह से ही कई प्रकार के रिएक्शन होते हैं। वायरल और अन्य बीमारियों की वजह भी यही खराब सफेद कणिकाएं बनती हैं। रेडिएटर का काम इनको साफ करना है। अभी तक केजीएमयू में इसकी व्यवस्था नहीं थी, लेकिन राज्य सरकार के सहयोग से यह काम भी संभव होने जा रहा है।
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केजीएमयू के कुलपति ले. जनरल डॉ. बिपिन पुरी ने बताया कि ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग को राज्य सरकार की ओर से ब्लड रेडिएटर मशीन देने की मंजूरी मिली है। इससे खून की वजह से होने वाले रिएक्शन को समाप्त किया जा सकेगा।