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UP: केशव मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की, बोले-FDR तकनीक से बन रहीं मजबूत व सस्ती सड़कें

Fri, 18 Jul 2025 08:45 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Fri, 18 Jul 2025 08:45 PM IST
सार

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि FDR तकनीक से  मजबूत और सस्ती सड़कें बन रही हैं। एक किमी सड़क के निर्माण में करीब 13.75 लाख से अधिक की धनराशि की बचत हो रही है। 

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Keshav Prasad Maurya said strong and cheap roads are being built using FDR technology
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण में फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक को अपनाने व इसकी लागत में आ रही कमी पर अधिकारियों की सराहना की। 

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डिप्टी सीएम ने कहा कि यह तकनीक सड़कों को अधिक टिकाऊ व दीर्घकालिक बना रही है। निर्माण लागत में भी कमी आ रही है। इस दौरान उन्होंने पूर्व के प्रस्तावों में प्रयुक्त की गई एफडीआर बेस की दर 3760 रुपये के स्थान पर एनालिसिस के अनुसार 2784 रुपये प्रति घनमीटर किए जाने के राज्य ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के प्रस्ताव को सहमति प्रदान की। 
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उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई के तहत एफडीआर बेस तकनीक से बनाई जा रही सड़कों की लागत में और कमी आएगी। बचत की धनराशि से और ग्रामीण सड़कें और अवस्थापना सुविधाओं के कार्य हो सकेंगे। यह तकनीक पुराने सड़क ढांचे को पुनः उपयोग कर सड़क को मजबूत बनाती है, जो पर्यावरण की दृष्टि से भी लाभकारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि पीएमजीएसवाई की सभी सड़कों का निर्माण इसी तकनीक से किया जाए। 

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करीब 13.75 लाख से अधिक की होगी बचत

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक एफडीआर तकनीक में एक किमी लंबाई (चौड़ाई 5.5 मीटर) की सड़क करीब 96 लाख रुपये में बनती थी, जो आगे करीब 82 लाख रुपये में बनेगी। इस तरह करीब 13.75 लाख से अधिक की धनराशि की बचत होगी। 


बैठक में अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास हिमांशु कुमार, सचिव एवं आयुक्त ग्राम्य विकास गौरी शंकर प्रियदर्शी, मुख्य कार्यपालक अधिकारी राज्य ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण अखंड प्रताप सिंह, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन, निदेशक ग्रामीण अभियंत्रण ईशम सिंह सहित अन्य प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

भ्रष्टाचार के मामलों में कराएं एफआईआर

वहीं उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य सराहनीय है। निष्क्रिय समूहों को सक्रिय किया जाए। मिशन के निष्क्रिय कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। भ्रष्टाचार के मामलों में एफआईआर कराई जाए।

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