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Lucknow News: प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र से चमका कठवारा, बक्कास में पंचायत भवन बना आकर्षण
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प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र, कठवारा।
लखनऊ। एक्सपोजर विजिट पर मध्य प्रदेश से आने वाले 40 जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों का दल सोमवार को बीकेटी क्षेत्र के ग्राम कठवारा और 16 दिसंबर को गोसाईंगंज के बक्कास गांव में हुए विकास कार्यों का अध्ययन करेगा। दोनों विकास खंड क्षेत्रों के एडीओ पंचायत का कहना है कि इन दोनों ग्राम पंचायतों में जिले की अन्य ग्राम पंचायतों से बेहतर विकास कार्य हुए हैं। इसी के आधार पर उनका चयन किया गया है।
ग्राम पंचायत कठवारा के पंचायत सचिव दिनेश पांडेय ने बताया कि कठवारा जिले का इकलौता ऐसा गांव है, जहां प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र है। अधिकांश सड़कें पक्की हैं। शक्तिपीठ चंद्रिका देवी मंदिर पर अमावस्या और नवरात्रि में लगने वाले मेले की पार्किंग से भी आमदनी होती है। घर-घर कूड़ा उठाने व आरआरसी सेंटर पर उससे कंपोस्ट बनाया जाता है। पंचायत भवन से मिलने वाली सभी सुविधाएं भी ग्रामीणों को आसानी से उपलब्ध कराई जाती हैं। एक साल में अपने इन संसाधनों से इस गांव की छह लाख रुपये आमदनी हो चुकी है। जो गांव के विकास पर ही खर्च हो रही है।
इसलिए बक्कास का हुआ चयन
विकासखंड गोसाईंगंज के एडीओ (पंचायत) कमल किशोर शुक्ला ने बताया कि बक्कास गांव का पंचायत भवन काफी आकर्षक है। यहां पंचायत सचिवालय के रूप में काम होता है। प्रधान यहां बैठकर लगभग प्रतिदिन लोगों की समस्या सुनते हैं व निस्तारण कराते हैं। रोजगार सेवक, पंचायत सहायक भी उनकी मदद करते हैं। पंचायत सचिव भी रोस्टर के हिसाब से गांव में बैठते हैं। पंचायत भवन में सीएससी सेंटर है। जहां आय-जाति, निवास प्रमाणपत्र का आवेदन गांव में ही हो जाता है। घर-घर से कूड़ा उठाकर उससे कंपोस्ट बनाई जा रही है। पिछले चार महीने में इससे करीब एक लाख रुपये की आमदनी गांव पंचायत की हो चुकी है।
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ग्राम पंचायत कठवारा के पंचायत सचिव दिनेश पांडेय ने बताया कि कठवारा जिले का इकलौता ऐसा गांव है, जहां प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र है। अधिकांश सड़कें पक्की हैं। शक्तिपीठ चंद्रिका देवी मंदिर पर अमावस्या और नवरात्रि में लगने वाले मेले की पार्किंग से भी आमदनी होती है। घर-घर कूड़ा उठाने व आरआरसी सेंटर पर उससे कंपोस्ट बनाया जाता है। पंचायत भवन से मिलने वाली सभी सुविधाएं भी ग्रामीणों को आसानी से उपलब्ध कराई जाती हैं। एक साल में अपने इन संसाधनों से इस गांव की छह लाख रुपये आमदनी हो चुकी है। जो गांव के विकास पर ही खर्च हो रही है।
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इसलिए बक्कास का हुआ चयन
विकासखंड गोसाईंगंज के एडीओ (पंचायत) कमल किशोर शुक्ला ने बताया कि बक्कास गांव का पंचायत भवन काफी आकर्षक है। यहां पंचायत सचिवालय के रूप में काम होता है। प्रधान यहां बैठकर लगभग प्रतिदिन लोगों की समस्या सुनते हैं व निस्तारण कराते हैं। रोजगार सेवक, पंचायत सहायक भी उनकी मदद करते हैं। पंचायत सचिव भी रोस्टर के हिसाब से गांव में बैठते हैं। पंचायत भवन में सीएससी सेंटर है। जहां आय-जाति, निवास प्रमाणपत्र का आवेदन गांव में ही हो जाता है। घर-घर से कूड़ा उठाकर उससे कंपोस्ट बनाई जा रही है। पिछले चार महीने में इससे करीब एक लाख रुपये की आमदनी गांव पंचायत की हो चुकी है।

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र, कठवारा।

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र, कठवारा।
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