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कथक में ढली हनुमान चालीसा
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 19 Jan 2014 11:44 AM IST
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विसाले यार होता...’ पर कथक के अभिनय पक्ष को देख सभी मंत्रमुग्ध हो
गए।
मौका था कल्चरल क्वेस्ट संस्था की ओर से भारतेंदु नाट्य अकादमी के थ्रस्ट थियेटर में आयोजित कथक संध्या का, जिसमें नवोदित कलाकार निशा उपाध्याय ने शानदार प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के दौरान विकास मिश्र ने तबले की एकल प्रस्तुति भी दी।
विरासत को संजोकर रखने की कूवत सुरभि सिंह टंडन की शिष्या निशा ने बखूबी मंच पर दिखाई। सितार पर नवीन मिश्र और हारमोनियम पर पं. धर्मनाथ मिश्र ने साथ निभाया।
मौका था कल्चरल क्वेस्ट संस्था की ओर से भारतेंदु नाट्य अकादमी के थ्रस्ट थियेटर में आयोजित कथक संध्या का, जिसमें नवोदित कलाकार निशा उपाध्याय ने शानदार प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के दौरान विकास मिश्र ने तबले की एकल प्रस्तुति भी दी।
विरासत को संजोकर रखने की कूवत सुरभि सिंह टंडन की शिष्या निशा ने बखूबी मंच पर दिखाई। सितार पर नवीन मिश्र और हारमोनियम पर पं. धर्मनाथ मिश्र ने साथ निभाया।