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Lucknow News: चौमुखी दीपक प्रज्ज्वलित की भगवान काल भैरव के बटुक अवतार की पूजा

Wed, 06 Dec 2023 01:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Wed, 06 Dec 2023 01:45 AM IST
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KAAL BHAIRAV TEMPLE
लखनऊ। भगवान काल भैरवनाथ की जयंती पर मंगलवार को अमीनाबाद के गुईन रोड पर स्थित उनके 700 साल पुराने बटुक मंदिर में विधि-विधान से पूजन कर चौमुखी दीपकों को प्रज्ज्वलित किया गया।
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मंगलवार को एक ओर चिप्स टाॅफी, गांजा, भांग, इमरती और मदिरा चढ़ाकर भगवान भैरव नाथ को खुश किया जा रहा था तो दूसरी ओर काले कपड़ों में तांत्रिक वेद मंत्र संग हवन कर रहे थे। भैरव नाथ का बटुक मंदिर प्रदेश का एक मात्र ऐसा मंदिर है जहां काल भैरव का बटुक अवतार है। इस दौरान मंदिर के बाहर चौमुखी दीपकों को खरीदते भक्तों की भीड़ देर रात तक रही।
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24 दिन चौमुखी दीपक से जलाने से पूरी होती मनौती

पुजारी कृष्णावत मिश्रा ने बताया कि इस प्राचीन मंदिर की विशेषता है कि जो व्यक्ति 24 दिन तक चौमुखी दीपक जलाता है, उसकी शारीरिक, मानसिक व आर्थिक पीड़ा दूर हो जाती है। संजय चतुर्वेदी ने बताया कि अब तक उन्होंने जितनी मन्नतें मांगी हैं सभी पूरी हुुुुईं हैं। इस अवसर पर तेजस्वी गिरी गोस्वामी समेत भारी संख्या में भक्त मौजूद रहे।
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बटुक रूप को टाॅफी, चिप्स और भांग-गांजा भी पसंद

स्थानीय लोगों में हिमांशु दीक्षित ने बताया कि भैरव नाथ के बाल रूप को वह सब कुछ पसंद है जो एक बच्चे को पसंद है। इसलिए टाॅफी, चिप्स चढ़ाया जाता है लेकिन भैरव नाथ भगवान का रूप है इसलिए उनका बालक रूप भी युवा से कम नहीं है जिसकी वजह से मांस-मदिरा, भांग-गांजा व सिगरेट भी चढ़ती है।
इस मंदिर में महिला हैं महंत

इस मंदिर में महंत महिला हैं। महंत वीना गिरी ने बताया कि 2014 में गुरु श्याम किशोर के गुजर जाने के बाद उनको यह पद मिल गया और तब से वह यहां की पूजा अर्चना करती हैं। बताया कि गुरु श्याम किशोर विलीन हो गए थे क्योंकि एक भक्त ने मन्नत के बदले कराया जाने वाला पूजन नहीं कराया। आक्रोश में आकर गुरु जी ने समाधि ले ली थी।

पं. बिरजू महाराज यहां रखते थे अपने घुंघुरू
मान्यता है कि पं. बिरजू महाराज जब तक रविवार के दिन यहां घुंघुरु नहीं रखते थे। मंच पर तब तक उनके पैर नहीं थिरकते थे। उनके खानदानी आज भी यहां पूजा करते हैं और घुंघरुओं की सिद्धि करते हैं।
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