न्यायालयों की सुरक्षा का प्लान तीन दिन में बनाएं: बृजेश पाठक
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बिजनौर जैसी घटना की भविष्य में पुनरावृत्ति न हो इसके लिए विधायी एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक ने पुलिस, गृह और न्याय विभाग के अधिकारियों को तीन दिन में न्यायालयों की सुरक्षा का प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को अपने कार्यालय में बृजेश पाठक ने अधिकारियों से कहा कि जामा तलाशी के बिना न्यायालय परिसर की पूरी सुरक्षा मुमकिन नहीं है, इसलिए अधिवक्ताओं का सहयोग लेकर पूरा प्रबंधन किया जाए।
बृजेश पाठक ने कहा कि अधिकारी ऐसी योजना बनाएं, जिससे दोबारा बिजनौर जैसी घटना न हो। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों के न्यायालयों की सुरक्षा के संबंध में 19 दिसंबर की शाम तक रिपोर्ट मांगी गई है।
डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि अधीनस्थ न्यायालयों में सुरक्षा के संबंध में राज्य स्तर पर समग्र सुरक्षा प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, बैगेज स्कैनर समेत अन्य सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इस मौके पर प्रमुख सचिव न्याय बीके सिंह, एडीजी कानून-व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री और आईजी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार मौजूद थे।
जिला जज से तत्काल संपर्क कर कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करें कप्तान : डीजीपी
उधर, डीजीपी ओपी सिंह ने पुलिस कप्तानों को न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कप्तानों को जिला जज से तत्काल संपर्क कर न्यायालय के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कोर्ट परिसर का भ्रमण करने को कहा है।
डीजीपी ने कहा कि हर कार्य दिवस में कप्तान अधीनस्थ राजपत्रित अधिकारियों से न्यायालय का औचक निरीक्षण कराएं और खुद भी सप्ताह में एक बार ऐसा करें। कोई भी अपराधी अथवा असामाजिक तत्व शस्त्र या कोई अन्य आपत्तिजनक सामग्री लेकर न्यायालय परिसर में प्रवेश न कर सके। इसके लिए संदिग्ध व्यक्तियों की प्रवेश के समय ही चेकिंग कराएं।
न्यायिक अधिकारियों, न्यायाधीशों और कार्यालय स्टाफ के अलावा अन्य निजी वाहनों को कोर्ट परिसर में प्रवेश न दें। वादकारियों की शिनाख्त के बाद ही कोर्ट परिसर में प्रवेश दिया जाए। डीजीपी ने कहा कि स्टाफ के लिए प्रवेश पत्र की व्यवस्था कराएं और कोर्ट लॉकअप के पास से मुलाकातियों को दूर रखा जाए। गवाहों की सुरक्षा के संबंध में पूर्व के निर्देशों का पालन करें।
बिजनौर डीएम से मांगी रिपोर्ट
बृजेश पाठक ने बताया कि बिजनौर डीएम से घटना के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देकर एक महीने में रिपोर्ट मांगी गई है।