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UP News: आठ साल से बंद पड़ा जेपीएनआईसी हो गया है बदहाल, हालत सुधारने पर खर्च होंगे 100 करोड़ से अधिक

Thu, 03 Jul 2025 07:43 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Thu, 03 Jul 2025 07:43 PM IST
सार

आठ साल से बंद पड़ा जेपीएनआईसी बदहाल हो गया है। इसकी हालत सुधारने पर 100 करोड़ से अधिक खर्च होंगे। इसके संचालन को लेकर अब एलडीए कार्ययोजना बनाएगा। 

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JPNIC is in bad condition due to closed for eight years more than 100 crores spent to improve its condition
जेपीएनआईसी/JPNIC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी लखनऊ में समाजवादी चिंतक जय प्रकाश नरायण के नाम पर गोमती नगर में बने जय प्रकाश नरायण अंतरराष्ट्रीय सेंटर (जेपीएनआईसी) के दिन अब बहुरने वाले हैं। करीब आठ साल से बंद रहने केकारण यह बदहाल भी हो गया है। इसे अब संवारने पर 100 करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च होगा। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में प्रदेश सरकार 50 करोड़ का बजट जेपीएनआईएसी के लिए पास भी कर चुकी है।

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गोमती नगर में एलडीए ऑफिस के निकट ही बने जीपीएनआईसी का निर्माण साल 2013 में शुरू हुआ और साल 2017 में निर्माण पूरा होने से पहले ही इसका काम बंद हो गया। जिस समय काम बंद हुआ था उस समय फिनिशिंग सहित करीब 50 करोड़ रुपये के काम बचे थे। यह बजट एलडीए को शासन से मिला नहीं और तब से यह सेंटर बंद पड़ा है। 
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बीच में कई बार इसे जहां है जैसा है कि स्थिति में निजी कंपनी को देकर संचालन शुरू करने की कोशिश भी एलडीए की ओर से की गई मगर वह कागज पर ही रह गई। ऐसे में करीब आठ से साल से यह बंद पड़े रहने के कारण खंडहर होता रहा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जय प्रकाश नरायण की जंयती पर वहां जाने के लेकर होने वाले राजनीतिक विवाद से यह चर्चा में भी बना रहता है। बीते साल भी खूब हंगामा बवाल हुआ था।

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यह काम कराने की पड़ेगी जरूरत-

  • जो लिफ्ट लगी हैं लगातार बंद रहने से खराब हो गई हैं
  • स्पोर्ट सेंटर में लगे डिजिटल स्क्रीन बोर्ड खराब हो गए हैं
  • कुर्सी, सोफा आदि फर्नीचर खराब हो गया है।
  • फर्श काली पड़ गई है। 
  • बिल्डिंग की खिड़कियों के बाहर की ओर लगे शीशे टूट गए हैं।
  • दीवार पर लगे पत्थर टाइल्स भी टूट-टूट कर गिर रहे हैं।
  • बिजली तार और जनरेटर भी बंद पड़े-पड़े खराब हो गए हैं।
  • फिनिशिंग और सजावट के काम कराने पड़ेंगे।
  • अधूरी बाउंड्री और मुख्य द्वार को बनवाना होगा।


एलडीए अब पहले वहां पर साफ सफाई कराएगा और मरम्मत कराएगा। इसका संचालन किस तरह किया जाएगा उसको लेकर अब कार्ययोजना बनाई जाएगी। -प्रथमेश कुमार, वीसी एलडीए

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