1.70 लाख शिक्षामित्रों को जुलाई में पक्की नौकरी
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सरकार ने लंबे समय से शिक्षक बनने का सपना देख रहे शिक्षामित्रों को बड़ी खुशी दी है। एक लाख 70 हजार शिक्षामित्रों की जुलाई से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
सरकार ने शिक्षामित्रों का दामन खुशियों से भर दिया है। शिक्षामित्रों को बिना शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के शिक्षक पद पर समायोजित करने के लिए शुक्रवार को बेसिक शिक्षा सचिव नीतीश्वर कुमार ने अध्यापक सेवा नियमावली और शिक्षा का अधिकार अधिनियम संशोधित नियमावली जारी कर दी।
पहले चरण में 58,826 प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षामित्रों को जुलाई में शिक्षक बनाने की तैयारी है। शिक्षामित्र 60 साल की उम्र तक शिक्षक बन सकेंगे।
बदला गया नियमों को
अब यूपी बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा (19वां संशोधन) नियमावली 2014 में शिक्षामित्रों को बेसिक शिक्षा परिषद के संचालित प्राइमरी (जूनियर बेसिक) स्कूलों में शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत होना दर्शाया गया है।
अभी तक इनके लिए नियमावली में कोई प्रावधान नहीं था।
वैसे तो परिषदीय स्कूलों में शिक्षक बनने की आयु सीमा 21 से 40 वर्ष है, लेकिन शिक्षा मित्रों के लिए यह आयु सीमा 60 वर्ष तक कर दी गई है।
ये चाहिए योग्यता
किसी भी विश्वविद्यालय से स्नातक या उसके समकक्ष डिग्री, दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से दो वर्षीय बीटीसी, सामान्य बीटीसी, उर्दू बीटीसी या विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण उत्तीर्ण करने वाले ही शिक्षक बनाए जाएंगे।
कैसे होगा चयन
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्राचार्यों की अध्यक्षता में सभी जिलों में चयन समिति बनाई जाएगी। आरक्षण नियमों के आधार पर चयन सूची तैयार होगी। बीटीसी वालों को समायोजन में प्राथमिकता दी जाएगी।
वरिष्ठता सूची जन्मतिथि के आधार पर तैयार की जाएगी। दो शिक्षामित्रों की जन्मतिथि यदि एक समान है तो अंग्रेजी के अक्षरों के आधार पर सूची में उसका नाम रखा जाएगा।
समिति की संस्तुति पर बेसिक शिक्षा अधिकारी समायोजन संबंधी आदेश जारी करेंगे।
टीईटी से ऐसे दी छूट
शिक्षामित्रों को टीईटी पास करने से छूट देने के लिए उत्तर प्रदेश नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (प्रथम संशोधन) नियमावली-2014 में प्रावधान किया गया है।
इसके साथ नियम 16 (क) जोड़ दिया गया है। इसमें शिक्षा मित्रों को टीईटी से छूट देने का अधिकार राज्य सरकार के अधीन कर दिया गया है।
प्रशिक्षण तीन चरणों में
पहले चरण में 60 हजार शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से 58,826 ने बीटीसी परीक्षा उत्तीर्ण की है। दूसरे चरण में 64,000 और दूसरे चरण में 46,000 शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जैसे-जैसे प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी होती जाएगी शिक्षामित्रों को शिक्षक के पद पर समायोजित किया जाता रहेगा।