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झांसी अग्निकांड : आज सौंपी जा सकती है रिपोर्ट, पड़ताल कर लौटी जांच कमेटी; कई डॉक्टर-कर्मियों पर लटकी तलवार

Fri, 22 Nov 2024 12:27 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Fri, 22 Nov 2024 12:27 AM IST
सार

Jhansi fire incident: जांच टीम को कई तरह की खामियां मिली हैं। इस मामले में कइयों पर गाज गिर सकती है।

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Jhansi fire incident: Report can be submitted tomorrow, investigation committee returns after investigation, s
Jhansi Medical College - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झांसी मेडिकल कॉलेज में हुए अग्निकांड की जांच रिपोर्ट शुक्रवार को शासन को सौंपी जा सकती है। जांच टीम को कई तरह की खामियां मिली हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन से लेकर कई कर्मियों पर गाज गिर सकती है।
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अग्निकांड के बाद शासन की ओर से चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक किंजल सिंह की अगुवाई में गई टीम मौके पर दो दिन पड़ताल के बाद लौट आई है और रिपोर्ट तैयार कर ली है। शुक्रवार को यह रिपोर्ट शासन को सौंपने की उम्मीद है।
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सूत्रों की मानें तो जांच कमेटी को कई गंभीर खामियां मिली हैं। वार्ड में अलग से एक्सटेंशन तार के जरिये उपकरण लगाने, तारों की गुणवत्ता खराब होने, सेफ्टी रिपोर्ट देने के बाद तत्काल सुधार के प्रयास न करने जैसी लापरवाही सामने आई है। ऐसे में कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य, चिकित्सा अधीक्षक, बाल रोग विभागाध्यक्ष सहित व्यवस्था निगरानी से जुड़े अफसरों व चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई होना तय है।
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सोमवार को पहुंची थी टीम 
झांसी महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के विशेष नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (एसएनसीयू) में शुक्रवार को आग लगने के कारणों का पता लगाने लखनऊ की चार सदस्यीय टीम सोमवार को पहुंची थी। टीम ने करीब 35 मिनट तक जले हुए एसएनसीयू की जांच की। 40 मिनट वार्ड पांच में भर्ती नवजातों के परिजन से बात की। करीब साढ़े पांच घंटे तक छह मृत शिशुओं के परिजन समेत 20 डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ के बयान दर्ज किए गए। 

हादसे की वजह शॉर्ट सर्किट बताई

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मेडिकल में जांच करने आई टीम। - फोटो : अमर उजाला
अग्निकांड में बचाए गए जालौन के ग्राम पीपरी अटकइयां निवासी मुस्कान पत्नी विशाल के बच्चे की मौत हो गई। अब मरने वाले बच्चों की संख्या 12 हो गई है। मेडिकल कॉलेज में भर्ती तीन बच्चे अब भी गंभीर हैं। टीम की अध्यक्षता कर रहीं चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक डॉ. किंजल सिंह ने हादसे की वजह शॉर्ट सर्किट को बताया है। उन्होंने कहा कि पहले एक्सटेंशन कॉर्ड में आग लगी। इसके बाद नजदीक के वेंटिलेटर में भी आग लगने से यह हादसा हुआ।

मृत शिशुओं के परिजन समेत 20 डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ से पूछताछ

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लखनऊ से जांच के लिए पहुंची टीम - फोटो : अमर उजाला
जांच टीम ने पहले अग्निकांड के दौरान तैनात नौ कर्मियों सहित कुल 20 डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ से पूछताछ की। इसके बाद मृत नवजातों के परिजन से घटना के बारे में जानकारी ली। इसके बाद टीम ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, प्रमुख चिकित्साधीक्षक डॉ. सुनीता भदौरिया, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंदेल, वाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया से पूछताछ की। वहीं, कॉलेज के जेई सुजीत और बिजली कर्मियों से भी घटना के बारे में जाना।

बिजली के उपकरणों की गुणवत्ता की जांच होगी

चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक ने बताया कि शॉर्ट सर्किट की वजह पता करने के लिए बिजली विभाग की टीम भी जांच करेगी। टीम के साथ बिजली विभाग के एक्सपर्ट भी होंगे, पता किया जाएगा कि कहीं क्षमता से ज्यादा लोड तो नहीं था। जिन बिजली के उपकरणों को लगाया गया, उनकी क्षमता और गुणवत्ता सही थी या नहीं। यह भी पता लगाया जाएगा कि कहीं अचानक वोल्टेज तो नहीं बढ़ा, जिससे शॉर्ट सर्किट हुआ।
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