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जीतो जैन कार्निवल : दो दिवसीय आयोजन का कवि सम्मेलन के साथ समापन
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जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीतो) के लखनऊ चैप्टर की ओर से मोती महल लॉन में आयोजित जैन कार्
लखनऊ। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीतो) के लखनऊ चैप्टर की ओर से मोती महल लॉन में आयोजित जैन कार्निवल का रविवार को कवि सम्मेलन के साथ समापन हो गया। इस दौरान यहां लगे स्टॉलों पर जैन संस्कृति व खानपान के साथ ही परिधानों से लेकर सोने-चांदी के उत्पाद, सोलर सिस्टम, इलेक्टि्रक स्कूटी व चार पहिया वाहनों के स्टॉल सजे। शाम को सांस्कृतिक आयोजनों में उत्तराखंड के कलाकारों ने सभी का मन मोह लिया। मंच पर बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत भी देखने को मिली।
कार्निवल की अंतिम प्रस्तुति के रूप में रविवार शाम आयोजित कवि सम्मेलन में मुकुल महान की अध्यक्षता में पंकज प्रसून, शिखा श्रीवास्तव और योगी योगेश शुक्ला ने काव्यपाठ किया। पंकज प्रसून ने पढ़ा- अब तो लुगाई से कहीं बेहतर है एआई, जाने क्या गुल खिलाएगी इक्कीसवीं सदी। शिखा श्रीवास्तव ने पढ़ा- प्रेम उत्सव सरीखा राह चार दिन, फिर ये अंतरहृदय की व्यथा हो गई। हास्य-व्यंग्य कवि मुकुल महान ने समाज के वर्तमान हालात पर कटाक्ष करते हुए पढ़ा- अपना उल्लू सीधा कर लूं ये मनमानी लगती है, सच पूछो तो घर घर की ये राम कहानी लगती है, सुविधाओं के अंबारों पर बनकर बैठे राम यहां, उनको शबरी के बेरों में जहरखुरानी लगती है।
जीतो के लखनऊ चैप्टर के महासचिव अभिषेक जैन ने बताया कि कार्यक्रम में अंकित जैन, सनत जैन, दिव्य प्रखर, अतिशय, अमन और मनीषा आदि का विशेष सहयोग रहा। मुख्यमंत्री के सलाहकार आईएएस अवनीश अवस्थी, महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, कैंसर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. भट्ट, एसीपी विकास जायसवाल, कवि सर्वेश अस्थाना आदि मौजूद रहे। अध्यक्ष पीके जैन ने स्टॉल संचालकों व अतिथियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
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इनसेट
एक ग्राम सोने के कान्हा, सात ग्राम के राधा-कृष्ण
फोटो-
कार्निवल में एक स्टॉल पर संचित जैन ने बताया कि उनके यहां 24 कैरेट सोने की छोटी और हल्की मूर्तियां उपलब्ध हैं। एक ग्राम की कान्हा की खूबसूरत मूर्ति की कीमत 18 हजार रुपये हैं तो वहीं सात ग्राम की राधा-कृष्ण की मूर्ति 1.45 लाख में उपलब्ध है। इसके अलावा गणेश-लक्ष्मी, गौतम बुद्ध, गणेश जी, भगवान महावीर और शिव की हल्की मूर्तियां कम दाम में उपलब्ध हैं।
चांदी के शब्दों से लिखी हनुमान चालीसा मात्र 250 रुपये में
फोटो-
बाराबंकी के शुभम जैन के स्टॉल पर चांदी के अक्षरों से लिखी हनुमान चालीसा केवल 250 रुपये में उपलब्ध है। इसके अलावा चांदी से बने गणेश-लक्ष्मी से लेकर लूडो व अन्य सामग्री भी चांदी के वर्क पर उपलब्ध है।
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कार्निवल की अंतिम प्रस्तुति के रूप में रविवार शाम आयोजित कवि सम्मेलन में मुकुल महान की अध्यक्षता में पंकज प्रसून, शिखा श्रीवास्तव और योगी योगेश शुक्ला ने काव्यपाठ किया। पंकज प्रसून ने पढ़ा- अब तो लुगाई से कहीं बेहतर है एआई, जाने क्या गुल खिलाएगी इक्कीसवीं सदी। शिखा श्रीवास्तव ने पढ़ा- प्रेम उत्सव सरीखा राह चार दिन, फिर ये अंतरहृदय की व्यथा हो गई। हास्य-व्यंग्य कवि मुकुल महान ने समाज के वर्तमान हालात पर कटाक्ष करते हुए पढ़ा- अपना उल्लू सीधा कर लूं ये मनमानी लगती है, सच पूछो तो घर घर की ये राम कहानी लगती है, सुविधाओं के अंबारों पर बनकर बैठे राम यहां, उनको शबरी के बेरों में जहरखुरानी लगती है।
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जीतो के लखनऊ चैप्टर के महासचिव अभिषेक जैन ने बताया कि कार्यक्रम में अंकित जैन, सनत जैन, दिव्य प्रखर, अतिशय, अमन और मनीषा आदि का विशेष सहयोग रहा। मुख्यमंत्री के सलाहकार आईएएस अवनीश अवस्थी, महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, कैंसर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. भट्ट, एसीपी विकास जायसवाल, कवि सर्वेश अस्थाना आदि मौजूद रहे। अध्यक्ष पीके जैन ने स्टॉल संचालकों व अतिथियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
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एक ग्राम सोने के कान्हा, सात ग्राम के राधा-कृष्ण
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कार्निवल में एक स्टॉल पर संचित जैन ने बताया कि उनके यहां 24 कैरेट सोने की छोटी और हल्की मूर्तियां उपलब्ध हैं। एक ग्राम की कान्हा की खूबसूरत मूर्ति की कीमत 18 हजार रुपये हैं तो वहीं सात ग्राम की राधा-कृष्ण की मूर्ति 1.45 लाख में उपलब्ध है। इसके अलावा गणेश-लक्ष्मी, गौतम बुद्ध, गणेश जी, भगवान महावीर और शिव की हल्की मूर्तियां कम दाम में उपलब्ध हैं।
चांदी के शब्दों से लिखी हनुमान चालीसा मात्र 250 रुपये में
फोटो-
बाराबंकी के शुभम जैन के स्टॉल पर चांदी के अक्षरों से लिखी हनुमान चालीसा केवल 250 रुपये में उपलब्ध है। इसके अलावा चांदी से बने गणेश-लक्ष्मी से लेकर लूडो व अन्य सामग्री भी चांदी के वर्क पर उपलब्ध है।

जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीतो) के लखनऊ चैप्टर की ओर से मोती महल लॉन में आयोजित जैन कार्