24 हजार जूनियर इंजीनियर ह़ड़ताल पर, काम ठप
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प्रदेश में 24 हजार जूनियर इंजीनियर (अवर अभियंता) बुधवार से बेमियादी हड़ताल पर चले गए। वे 4800 रुपये ग्रेड पे के साथ राजपत्रित अधिकारी का दर्जा मांग रहे हैं।
इससे हजारों करोड़ रुपये के निर्माणाधीन कार्य प्रभावित हुए हैं। वित्त वर्ष के अंत में यह स्थिति देख विभिन्न विभागों के आला अफसरों के भी हाथ-पैर फूल गए हैं।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, आवास विकास परिषद, राजकीय निर्माण निगम, जल निगम, सेतु निगम, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, नगर निकाय, सेतु निगम, लघु सिंचाई, विकास प्राधिकरण, कृषि, हथकरघा, पॉवर प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन, यूपीएसआईडीसी, समाज कल्याण निर्माण निगम, तकनीकी शैक्षणिक संस्थानों के अवर अभियंता हड़ताल पर चले गए। उन्होंने सभी जिला मुख्यालयों पर सभा करके संघर्ष से कदम पीछे न खींचने का एलान किया।
12-16 घंटे तक करते हैं काम फिर भी सुन नहीं रही सरकार
राजधानी में पीडब्ल्यूडी मुख्यालय पर हुई सभा में महासंघ के अध्यक्ष एसके पांडेय ने बताया कि अवर अभियंता 12-16 घंटे तक काम करते हैं। लेकिन, राज्य सरकार उनकी कोई भी मांग मानने के लिए तैयार नहीं है। सरकार प्रोन्नत वेतनमान तक देने के लिए तैयार नहीं है।
महासंघ के महासचिव सुधीर पंवार ने कहा कि पिछले 12 प्रमुख सचिवों की उच्चस्तरीय समिति ने अवर अभियंताओं को 4800 रुपये ग्रेड पे देने की संस्तुति की, मगर आज तक शासनादेश जारी नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अगर कहीं भी हड़ताल के दौरान अवर अभियंताओं का उत्पीड़न किया गया तो जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।