फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Jawahar Bhawan's women's common hall is in a bad state

Lucknow News: जवाहर भवन के महिला कॉमन हॉल का हाल बेहाल

Sun, 28 Dec 2025 02:46 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Dec 2025 02:46 AM IST
विज्ञापन
Jawahar Bhawan's women's common hall is in a bad state
महिला कॉमन हाॅल का हाल।
लखनऊ। राज्य सचिवालय परिसर के जवाहर भवन और इंदिरा भवन में महिलाओं के लिए बना कॉमन हॉल अपने उद्देश्य से भटक चुका है। न यहां बैठने की समुचित व्यवस्था है, न महिलाओं के विशेष दिनों में आराम करने का कोई इंतजाम। हाल यह है कि हॉल के गेट पर अक्सर विभागों का कबाड़ फैला रहता है, जिससे कई बार महिलाएं अंदर तक प्रवेश भी नहीं कर पातीं।
विज्ञापन


इन दोनों भवनों में करीब एक हजार महिला कर्मचारी और अधिकारी विभिन्न विभागों में तैनात हैं। महिलाओं को निजी स्थान उपलब्ध कराने, छोटे बच्चों की फीडिंग, गर्भवती महिलाओं को आराम और भोजनावकाश में कुछ समय साथ बिताने के उद्देश्य से 19 दिसंबर 2002 को राज्य महिला आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष पूनम सागर ने महिला कॉमन हॉल का उद्घाटन किया था। लेकिन 22 साल बाद यह हॉल केवल नाम का रह गया है।
विज्ञापन


महिलाओं का कहना है कि यदि प्रशासन थोड़ी गंभीरता दिखाए तो वर्षों पहले बने इस कॉमन हॉल को फिर से उपयोगी बनाया जा सकता है। फिलहाल यह हॉल महिलाओं की जरूरतों को पूरा करने के बजाय व्यवस्था की उपेक्षा की कहानी बयां कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फर्नीचर तक नहीं, खुद करनी पड़ी व्यवस्था

आयुष विभाग में तैनात और जवाहर भवन-इंदिरा भवन कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष मीना सिंह बताती हैं कि कॉमन हॉल में बैठने के लिए कोई सरकारी फर्नीचर तक नहीं है। महिलाओं ने अपने स्तर से कुछ कुर्सियां और दरी रखी हैं, लेकिन गेट के सामने फैले कबाड़ और गंदगी से वहां जाना मुश्किल हो जाता है। कई महिला कर्मचारी छोटे बच्चों को क्रेच में छोड़ती हैं, लेकिन फीडिंग या निजी जरूरतों के लिए कॉमन हॉल का उपयोग नहीं कर पातीं।

गर्भवती कर्मचारी को भी नहीं मिलता सहारा

सहकारी समिति पंचायत विभाग में तैनात कृतिका गौरव गर्भवती हैं। उनका कहना है कि सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक लंबी कार्यावधि होती है। ऐसे में कभी तबीयत खराब होने पर काफी परेशानी होती है। महिलाओं के लिए बने कॉमन हॉल में कोई सुविधा न होने से वह वहां कभी गई ही नहीं।

मां होने के बाद भी मजबूरी

ऑडिट विभाग की कर्मचारी श्रद्धा मौर्या बताती हैं कि उनकी 16 माह की बेटी है। पति शहर से बाहर नौकरी करते हैं और सास बच्चे की देखभाल करती हैं। सास के बीमार होने की स्थिति में बच्ची को कार्यालय लाने की मजबूरी हो सकती है, लेकिन यहां किसी भी तरह की व्यवस्था न होने के कारण वह ऐसा नहीं कर पातीं।


बीमारी में आराम तक की जगह नहीं

दिव्यांग सशक्तीकरण विभाग में तैनात अंजलि कपूर का कहना है कि अगर कोई महिला अचानक बीमार हो जाए तो दोनों भवनों में ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां वह कुछ देर आराम कर सके। महिला कॉमन हॉल में न तो एसी है, न लेटने की व्यवस्था। पंखे भी काफी पुराने हैं, जो नाममात्र की हवा देते हैं।

महिला कॉमन हाॅल का हाल।

महिला कॉमन हाॅल का हाल।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed