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'फिर होंगे मुजफ्फरनगर जैसे दंगे'

Sat, 21 Sep 2013 02:39 PM IST
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
महेंद्र तिवारी/लखनऊ Updated Sat, 21 Sep 2013 02:39 PM IST
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jai ram ramesh comments on sp

मुजफ्फरनगर दंगों पर राज्य सरकार को घेरते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि दंगे कैसे और क्यों हुए, यह बात तो जांच में सामने आएगी।

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लेकिन, एक बात तो तय है कि मुख्यमंत्री और राज्य सरकार ने अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से नहीं निभाई।

कांग्रेस पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता कार्यक्रम में लखनऊ आए इस कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि यूपी सरकार इस स्थिति को पहचानने में चूक गई।

शायद तभी मुजफ्फरनगर में तब तक कोई प्रतिनिधि नहीं गया, जब तक पीएम और सोनिया गांधी का कार्यक्रम तय नहीं हो गया।

2014 के फिल्म का ट्रेलर है ये दंगा

उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार को सोनिया और पीएम के दौरे की भनक लगी, उसके एक दिन पहले मुख्यमंत्री वहां पहुंच गए। रमेश दंगे को ट्रेलर का नाम दिया।

उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि मुजफ्फरनगर की घटना 2014 के फिल्म का ट्रेलर मात्र है। भाजपा व सपा सांप्रदायिक तनाव के आधार पर चुनाव लड़ना चाहते हैं।'

रमेश का यह भी कहना था कि भाजपा जिस तरह से मुजफ्फरनगर पर रणनीति कर रही है उससे उस पर संघ का साफ प्रभाव दिख रहा है।

सांप्रदायिक तनाव बढ़ा रही हैं पार्टियां
ऐसे में हम राज्यों को चेतावनी देना चाहते हैं कि वे सतर्क रहें, नहीं तो सांप्रदायिक तनाव बढ़ेगा और सपा जैसी पार्टी इसका विरोध भी नहीं करेगी। इसीलिए लगता है कि अगर चूक हुई तो ऐसे दंगे फिर हो सकते हैं।
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उन्होंने आगे कहा कि अमित शाह के आने के साथ ही यह साफ हो गया था। बिहार व यूपी में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण तेज करने की कोशिश की जा रही है। विकास महज मुखौटा है। सपा जैसे दल भी यहीं सोचते हैं कि इसका उन्हें फायदा मिलेगा।
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सीएम के शासन पर कलंक ये है दंगा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीएम अखिलेश यादव उनके अच्छे दोस्त हैं, उनके राज्य में पढ़े हैं पर अफसोस कि यह दंगा उनके प्रशासन पर कलंक है। वो अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। उनसे लोगों को बड़ी उम्मीद थी, लेकिन अब उन्हें कोई भी गंभीरता से नहीं ले रहा है।

शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
मनरेगा को लेकर रमेश का कहना था कि इसमें जबरदस्त घोटाले हुए हैं। मुख्यमंत्री को पांच बार पत्र लिखकर व तीन बार मिलकर इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई, लेकिन अफसोस कि उन्होंने अब तक अनुमति नहीं दी।

दोषियों को सरकार दे रही संरक्षण
जयराम ने कहा कि मनरेगा में हेराफेरी करने वाले अधिकारियों और प्रतिनिधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने कहा, 'मैं कह सकता हूं कि ऐसे लोगों को राज्य सरकार संरक्षण दे रही है। कभी-कभी मन करता है कि यूपी को पैसा देना बंद कर दूं, लेकिन यह यूपी के लोगों के साथ अत्याचार होगा।'


उन्होंने यह भी कहा कि, वे सिर्फ पैसा, निगरानी, जांच और मूल्यांकन तक ही कर सकते हैं। लेकिन, कार्रवाई तो राज्य सरकार को ही करनी है। यूपी ने इसमें सुस्ती दिखाई है, और यही सुस्ती मुजफ्फरनगर में भी देखने को मिली। उन्होंने सीएम को बेचारा तक करार दिया।

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