सलाखों के पीछे से अपराधी चला रहे गैंग, अफसरों के मोबाइल का हो रहा इस्तेमाल
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जेल में बंद कुख्यात अपराधी अब अफसरों के फोन से ही अपना गैंग चला रहे हैं। ऐसे कई जेल अफसरों के बारे में शासन के आला अधिकारियों को सूचनाएं मिली हैं।
कारागार राज्यमंत्री जय कुमार सिंह जैकी व प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने ऐसे अधिकारियों को सुधरने की चेतावनी दी है। वे बुधवार को यहां डॉ. संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान में जेल अधिकारियों की समीक्षा बैठक ले रहे थे।
राज्यमंत्री ने जेल में चल रहे निर्माण कार्य व व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने जेल अधिकारियों से बंदियों-कैदियों को गुणवत्तायुक्त भोजन देने व मुलाकात के इंतजाम दुरुस्त करने के निर्देश दिए। कर्मचारियों की कमी, समस्याओं और पदोन्नति के मुद्दे पर भी चर्चा की।
प्रमुख सचिव गृह ने कहा कि जैमर के बावजूद जेल में बंद अपराधियों के मोबाइल इस्तेमाल करने की खबरें लगातार मिल रही हैं। पता चला है कि कुछ जेल अधिकारी ही अपराधियों को मोबाइल फोन उपलब्ध करा रहे हैं या फिर अपने मोबाइल फोन से ही अपराधियों की उनके गैंग के लोगों से बातचीत करा रहे हैं।
उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि कैदियों या बंदियों के पास यदि मोबाइल फोन मिले तो जेल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी, मेटल डिटेक्टर और जैमर से लैस होंगी जेलें
प्रमुख सचिव गृह ने कहा कि सभी जेलों में जैमर, मेटल डिटेक्टर और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पहले चरण में 22 संवेदनशील जेलों में जैमर लगवाए जा रहे हैं। 25 जेलों की पाकशालाओं को आधुनिक बनाया जाएगा।
प्रमुख सचिव ने झांसी, अंबेडकरनगर व श्रावस्ती में जेल का निर्माण कार्य मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में जेलें नहीं हैं, वहां जमीन का अधिग्रहण जल्द कराएं।