ISI एजेंट ने दिया था 'जवान' को लैपटॉप
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पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई को सेना की गोपनीय सूचनाएं लीक करने के मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है।
एसटीएफ हिमाचल प्रदेश से दबोचे गए बबीना कैंट में तैनात रहे सेना के जवान सुनीत कुमार का मेरठ में गिरफ्तार हुए आईएसआई एजेंट आसिफ अली से याराना था।
सुनीत के पास जो लैपटॉप बरामद हुआ उसे आसिफ ने ही दिया था। लैपटॉप आसिफ के नाम से ही खरीदा गया था।
लैपटॉप की होगी फॉरेंसिक जांच
एसटीएफ के आईजी सुजीत पांडेय के मुताबिक लैपटॉप खरीद की रसीद बरामद हो चुकी है। इस लैपटॉप की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।
सुनीत ने लैपटॉप से किस-किस आईपी एड्रेस पर सूचनाएं भेजीं यह पता लगाया जाएगा। यह जानकारी बतौर साक्ष्य काम आएगी।
साथ ही यह पता लग सकेगा कि सुनीत अब तक किस तरह की जानकारी अपने आकाओं को मुहैया करा चुका है।
आईपी एड्रेस से महिला की तलाश
आईजी पांडेय ने कहा कि जिस विदेशी महिला के बारे में सुनीत ने बताया है, उसके बारे में जानकारी की जा रही है।
इसके लिए एसटीएफ उसके आईपी एड्रेस की जानकारी कर रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मौजूदा समय में वह महिला कहां है।
एसटीएफ यह जानकारी हासिल करने के बाद महिला तक पहुंचने के लिए सीबीआई के जरिये इंटरपोल की मदद मांगने पर विचार कर रही है।
एसटीएफ आसिफ और सुनीत के अन्य करीबियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
कोई और तो नहीं था शामिल?
यह भी पता लगाने की कोशिश हो रही है कि सूचनाओं को लीक करने के रैकेट में उनके साथ कोई और तो शामिल नहीं था।
एसटीएफ ने आसिफ और सुनीत दोनों के ही खातों की पड़ताल भी शुरू कर दी है।
यह कवायद यह जानने के लिए की जा रही है ताकि इसका पता लग सके कि उन्हें इसके लिए अलग से फंडिंग तो नहीं हो रही थी और अगर हो रही थी तो कहां से और किसके जरिये?