सीमा विवाद से बचने के लिए पुलिस ने डंडे से रोकी बहती लाश
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कानपुर के बिठूर कुरसौली नहर में मिले अज्ञात शव के मामले में कार्रवाई से बचने के लिए दो थानों की पुलिस आमने सामने आ गई। कल्याणपुर थाने के सिपाही ने बिठूर सीमा क्षेत्र में पहुंचकर बहते शव को डंडे से रोक दिया और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।
इस बीच बिठूर पुलिस मौके पर पहुंची और शव रोकने पर भिड़ गई। घंटों हंगामे के बाद बिठूर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बिठूर कुरसौली नहर में बुधवार दोपहर एक अज्ञात शव बहते हुए कल्याणपुर थाने की सीमा की तरफ जा रहा था।
सूचना पर क्ल्याणपुर थाने के दरोगा सुखराम सिंह रावत दो सिपाहियों के साथ बिठूर थाने की सीमा पर पहुंच गए। सिपाही ओम नारायण ने डंडा लगाकर नहर में बहता शव रोक दिया। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को शव मिलने की सूचना दी।
इस पर बिठूर इंस्पेक्टर संजय मिश्रा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। कल्याणपुर पुलिस की चालाकी देख इंस्पेक्टर संजय मिश्रा भड़क गए। दोनों थानों की पुलिस काफी देर तक ग्रामीणों के सामने भिड़ी रहीं। अंत में बिठूर पुलिस पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
हत्या करके फेंकी गई थी लाश
युवक की शिनाख्त चौबेपुर के खड़गपुर गांव के रहने वाले अमोल के बेटे राजकुमार के रूप में हुई है। युवक के बड़े भाई राजेश ने शव की शिनाख्त करने के बाद बताया कि राजकुमार मजदूरी करता था। रोज की तरह 6 मार्च को भी काम पर निकला था। इसके बाद से घर नहीं लौटा है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए बिठूर थाने में तहरीर दी है।
बता दें कि मंगलवार को लखनऊ में सीमा विवाद से बचने के लिए दो पुलिसवालों ने लाश को गोमती में बहा दिया था। उनकी इस हरकत पर बुधवार शाम उन्हें निलंबित कर दिया गया।