थप्पड़ मारने पर निलंबन, आईपीएस अफसरों ने किया विरोध
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आईपीएस अफसरों ने एक वृद्ध को थप्पड़ मारने के कथित आरोप में पिछले दिनों सरकार द्वारा लखनऊ रेंज के डीआईजी डीके चौधरी को निलंबित करने के फैसले को गलत बताया है।
अधिकारी डीआईजी की ससम्मान बहाली के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलेंगे। इसके लिए आईपीएस अधिकारियों के एसोसिएशन की कार्यकारिणी की आपात बैठक बुधवार को पुलिस ऑफिसर्स मेस में बुलाई गई थी।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डीजी होमगार्ड्स रंजन द्विवेदी के नेतृत्व में आयोजित बैठक में डीजी अभियोजन डॉ. सूर्य कुमार शुक्ला, एडीजी ट्रेनिंग बीके मौर्य, आईजी कार्मिक प्रकाश डी, आईजी रेडियो पीके मिश्रा और डीआईज़ी होमगार्ड्स वीके दोहरे शामिल थे।
बैठक में कहा गया कि एक टीवी चैनल द्वारा इंदिरानगर के आम्रपाली बाजार के वृद्ध दुकानदार केपी तिवारी के सामने खड़े डीआईजी डीके चौधरी को जिस तरह से दिखाया गया है, उससे लगता है कि वे उसे थप्पड़ मार रहे हैं। जबकि ऐसा नहीं हुआ था।
...और फोटो वायरल होते ही कर दिया निलंबन
दुकानदार समेत मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने इसे गलत बताया है। पीड़ित दुकानदार ने इस बाबत बयान भी दिया है। गौरतलब है, पिछले मंगलवार को डीजीपी जावीद अहमद के निर्देश पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चल रहा था।
लखनऊ के डीआईजी डीके चौधरी भी इसी क्रम में इंदिरानगर में फोर्स के साथ मौजूद थे, तभी एक चैनल ने ऐसी फोटो लेकर उसे वायरल कर दिया। इसी फोटो के आधार पर मुख्यमंत्री ने डीआईजी को निलंबित करने के निर्देश दिए थे।
एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष प्रकाश डी ने बताया कि बैठक में यह माना गया कि डीआईज़ी का निलंबन गलत हुआ। एसोसिएशन ने उन्हें बहाल करने की मांग की है।
एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही सीएम से मिलकर डीआईजी को ससम्मान बहाल करने की बात रखेगा। इसके लिए सीएम से मुलाकात का समय मांगा गया है।