{"_id":"6496c92e1cf378ff7e0c9a69","slug":"ips-manilal-patidar-terminated-2023-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News: आईपीएस मणिलाल पाटीदार बर्खास्त, खनन कारोबारी की मौत के मामले में हुई कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: आईपीएस मणिलाल पाटीदार बर्खास्त, खनन कारोबारी की मौत के मामले में हुई कार्रवाई
Sat, 24 Jun 2023 04:15 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 24 Jun 2023 04:15 PM IST
सार
खनन कारोबारी की मौत के मामले में आईपीएस मणिलाल पाटीदार को बर्खास्त कर दिया गया है। वह अभी जेल में बंद हैं। कार्मिक मंत्रालय ने आईपीएस का नाम सिविल लिस्ट से हटा दिया है।
विज्ञापन
आईपीएस मणिलाल पाटीदार।
- फोटो : prayagraj
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महोबा के खनन कारोबारी की मौत के मामले में जेल में बंद आईपीएस मणिलाल पाटीदार को केंद्र सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। महोबा के एसपी रहने के दौरान खनन कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाये थे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर 7 सितंबर 2020 को वायरल हुआ था। इसके दो दिन बाद इंद्रकांत त्रिपाठी की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गईथी। परिजनों की शिकायत पर पाटीदार सहित तीन अन्य के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी गठित की थी। हालांकि इसके बाद वर्ष 2014 बैच का आईपीएस मणिलाल पाटीदार फरार हो गया था। वहीं एसआईटी की जांच में तत्कालीन एसपी पाटीदार और अन्य पुलिसकर्मी दोषी पाए थे। इस मामले में थानाध्यक्ष देवेन्द्र शुक्ला सहित चार सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया गया। दो साल तक फरार रहने के बाद पाटीदार ने 15 अक्टूबर 2022 को लखनऊ की अदालत में आत्मसमर्पण किया था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - 18 महीने में 1.35 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति की मालकिन बनीं यूपी की महिलाएं, यह है वजह
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - यूपी में मानसून की एंट्री, 26 जून तक भारी बारिश की चेतावनी
इससे पहले पाटीदार को गिरफ्तारी पर एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। कोर्ट के आदेश पर राजस्थान में उनकी सम्पत्ति को भी कुर्क किया गया था। उनके खिलाफ विजिलेंस ने भी मुकदमा दर्ज किया था, जिसकी जांच चल रही है। लखनऊ जेल में बंद पाटीदार को बर्खास्त करने की सिफारिश राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से की थी।