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यूरिया के कालाबाजारियों में भाजपाई इसलिए कार्रवाई से हिचक: अखिलेश यादव
Thu, 27 Aug 2020 01:11 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 27 Aug 2020 01:11 PM IST
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि मुख्यमंत्री के तथाकथित निर्देशों के बाद भी प्रदेश के हर क्षेत्र में स्थितियां बेकाबू हैं। सरकारी नीतियों का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव किसानों व खेती पर पड़ा है। यूरिया नहीं मिलने से खेती के सामने संकट है। भाजपा सरकार में संकट के समाधान की जगह उसका विस्तार ही दिखाई दे रहा है।
खरीफ की फसल खाद के बगैर बर्बाद होने के कगार पर है। राज्य सरकार खाद के कालाबाजारियों पर सख्ती से हिचक रही है क्योंकि इनमें भाजपाई भी शामिल हैं। अखिलेश ने जारी बयान में कहा कि सरकारी ढिलाई का फायदा उठाते हुए बाजार में 266 रुपये प्रति बोरी कीमत वाली यूरिया 400 से 800 रुपये तक में बिक रही है।
साधन सहकारी समितियों के गोदाम खाली बताए जा रहे हैं। ब्लैक करने वालों ने अपने नौकरों, घर वालों व दूसरे फर्जी नामों पर खाद की बिक्री दिखाकर माल हड़प लिया है। इस तरह हजारों क्विंटल खाद अवैध ढंग से बाजार से गायब कर दी गई है। परेशान हाल किसान भटक रहे हैं।
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कृषि विभाग मामले में लीपापोती कर रहा है तो मुख्यमंत्री लंबी-चौड़ी घोषणा करने के बाद पलट कर नहीं देखते कि उनके अधिकारी गंभीरता से उन्हें ले भी रहे या नहीं। उन्होंने कहा कि किसानों की चिंता है कि अगर उसे जल्दी यूरिया नहीं मिली तो धान की फसल बर्बाद हो जाएगी।
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खरीफ की फसल खाद के बगैर बर्बाद होने के कगार पर है। राज्य सरकार खाद के कालाबाजारियों पर सख्ती से हिचक रही है क्योंकि इनमें भाजपाई भी शामिल हैं। अखिलेश ने जारी बयान में कहा कि सरकारी ढिलाई का फायदा उठाते हुए बाजार में 266 रुपये प्रति बोरी कीमत वाली यूरिया 400 से 800 रुपये तक में बिक रही है।
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साधन सहकारी समितियों के गोदाम खाली बताए जा रहे हैं। ब्लैक करने वालों ने अपने नौकरों, घर वालों व दूसरे फर्जी नामों पर खाद की बिक्री दिखाकर माल हड़प लिया है। इस तरह हजारों क्विंटल खाद अवैध ढंग से बाजार से गायब कर दी गई है। परेशान हाल किसान भटक रहे हैं।
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कृषि विभाग मामले में लीपापोती कर रहा है तो मुख्यमंत्री लंबी-चौड़ी घोषणा करने के बाद पलट कर नहीं देखते कि उनके अधिकारी गंभीरता से उन्हें ले भी रहे या नहीं। उन्होंने कहा कि किसानों की चिंता है कि अगर उसे जल्दी यूरिया नहीं मिली तो धान की फसल बर्बाद हो जाएगी।