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Recruitment scam: विजिलेंस करेगी यूपीसीडा के भर्ती घोटाले की जांच, सतर्कता समिति ने दी मंजूरी
Wed, 18 May 2022 12:15 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 18 May 2022 12:15 AM IST
सार
यूपीसीडा में 179 पदों पर नियमों की अनदेखी कर भर्ती की गई थी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी समिति ने मामले की जांच के लिए मंजूरी दे दी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
यूपीसीडा में सामने आए भर्ती घोटाले की जांच अब विजिलेंस करेगी। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में गठित सतर्कता समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस मामले में समूह ‘ग’ और ‘घ’ के 179 पदों पर नियमों की अनदेखी कर चहेतों को नौकरी देने का आरोप है।
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वर्ष 2008-09 में उप्र. स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीसीडा) में 179 पदों पर भर्ती हुई थी। बाद में पता चला कि इन पदों पर अपात्रों की नियुक्ति की गई है। नौकरी देने में नियमों का पालन करने के बजाय सिफारिशों को तरजीह दी गई। इनमें कई निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करते थे तो कई को दस्तावेज चेक किए बिना ही नौकरी दे दी गई। शासन की ओर से कराई गई जांच में इन गड़बड़ियों की पुष्टि हुई।
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इस मामले में यूपीसीडा के तत्कालीन अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) समेत 6 अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई थी। एसीईओ के अलावा बाकी आरोपी अधिकारी महाप्रबंधक और सहायक महाप्रबंधक स्तर के हैं। पिछले दिनों औद्योगिक विकास विभाग ने इन गड़बड़ियों की जांच विजिलेंस से कराने की संस्तुति की थी।
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इस संस्तुति पर अंतिम निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित सतर्कता समिति को करना था। इस समिति में अपर मुख्य सचिव, सतर्कता भी होते हैं। शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, सतर्कता समिति ने मामले के परीक्षण के बाद विजिलेंस से जांच कराने की हरी झंडी दे दी है।