फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   investigation team setup for invalid acquisition on land of sonbhadra and mirzapur

सोनभद्र और मिर्जापुर में जमीन पर अवैध कब्जों की जांच के लिए समिति गठित

Thu, 08 Aug 2019 12:52 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Thu, 08 Aug 2019 12:52 AM IST
सार

  • अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका अध्यक्ष, उन्हें दी चकबंदी
  • पुलिस व वन विभाग के कर्मियों को संबद्ध करने की शक्ति
  • वर्ष 2015 से लगातर मामला उठा रहा था अमर उजाला

विज्ञापन
investigation team setup for invalid acquisition on land of sonbhadra and mirzapur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोनभद्र व मिर्जापुर में 39 कृषि सहकारी समितियों के नाम दर्ज जमीन और एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा वन भूमि पर अवैध कब्जों की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी गई है। मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, छह सदस्यीय समिति की अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव, राजस्व रेणुका कुमार होंग, सह अध्यक्ष प्रमुख सचिव, श्रम एवं नियोजन सुरेश चंद्रा होंगे।
विज्ञापन


मुख्य वन संरक्षक रमेश पांडे, अपर निबंधक सहकारिता लखनऊ राम प्रकाश सिंह और उप निबंधक राजेश कुमार कुलश्रेष्ठ को सदस्य नामित किया गया है। इसके अलावा विशेष सचिव, राजस्व विभाग महेंद्र सिंह सदस्य समन्वयक होंगे। 
विज्ञापन


सोनभद्र व मिर्जापुर में जमीन पर अवैध कब्जों का सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है। सपा शासन में वन विभाग के अधिकारियों ने भी इस बाबत रिपोर्ट दी, लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। अमर उजाला वर्ष 2015 से ही इस मामले को प्रमुखता से उठाता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गत 17 जुलाई को जमीन विवाद में ही सोनभद्र की तहसील घोरावल के ग्राम उम्भा में 10 व्यक्तियों की हत्या कर दी गई, जबकि 28 व्यक्ति घायल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने इस तरह के विवादों को खत्म करने और भविष्य में ऐसी किसी संभावना पर विराम लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी के गठन की घोषणा की थी।

उस घोषणा के तहत बुधवार को गठित समिति कोे तीन महीने के भीतर जांच पूरी करनी है। इसके लिए सचिवालय में तीन कमरों समेत विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। साथ ही समिति अध्यक्ष को आवश्यकतानुसार राजस्व, चकबंदी, पुलिस व वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को संबद्ध करने का अधिकार भी दिया गया है।

संदेह : सिर्फ राजस्व अभिलेखों से मिलान से सही स्थिति सामने नहीं आएगी

सोनभद्र और मिर्जापुर में वन भूमि पर अवैध कब्जों की जांच के लिए गठित इस समित को सिर्फ राजस्व अभिलेखों से मिलान तक ही सीमित कर देने के आदेश पर सवाल उठ रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वन बंदोबस्त अधिकारियों, जो कि सामान्यतया एसडीएम होते हैं, ने नियमविरुद्ध वन अधिनियम की धारा-4 के तहत घोषित जमीन को वन क्षेत्र से बाहर करते हुए उसे राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर दिया। इस कमेटी के अधिकार क्षेत्र में वे मामले न आने से वन भूमि पर अवैध कब्जों की सही स्थिति सामने नहीं आ सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed