सीसीटीवी फुटेज और जॉर्डन से आई कॉल से उलझा आईएएस अनुराग की मौत का मामला
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लखनऊ में मृत पाए गए आईएएस अनुराग तिवारी की मौत अभी भी रहस्य बनी हुई है। आईएएस की लाश बुधवार सुबह पाई गई। उनके साथ मंगलवार रात आर्यन रेस्टोरेंट में सिर्फ एलडीए वीसी पीएन सिंह ही थे।
अब तक रेस्टोरेंट में अनुराग के कई साथियों और एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक के पार्टी करने की बात सामने आ रही थी, लेकिन पुलिस को मिली सीसीटीवी फुटेज में सिर्फ दो ही अधिकारी नजर आ रहे हैं।
रात 8.58 बजे दोनों रेस्टोरेंट के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कार से उतरते नजर आ रहे हैं। होटल में दोनों ने खाना खाया और रात 10.10 बजे बाहर निकल गए। खाना खाते वक्त पुलिस को उनके साथ या आसपास कोई भी संदिग्ध नजर नहीं आया।
मंगलवार रात आर्यन रेस्टोरेंट में डिनर के बाद आईएएस अनुराग तिवारी और एलडीए वीसी पीएन सिंह पौने ग्यारह बजे गेस्टहाउस पहुंचे थे। हालांकि, शुक्रवार को हुई पूछताछ में गेस्टहाउस के कनिष्ठ सहायक जितेंद्र वर्मा ने मंगलवार रात सवा दस बजे ड्यूटी पर आने और उससे पहले ही एलडीए वीसी के अपने कमरे में पहुंचने की जानकारी दी थी।
एलडीए वीसी के ड्राइवर से सही जानकारी मिलने के बाद यह तय हो गया है कि जितेंद्र वर्मा झूठ बोल रहा है। इसके पीछे जितेंद्र की मंशा क्या हो सकती है? पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है।
ऑटोमेटिक लॉक से बंद हो जाते हैं कमरे
पुलिस ने गेस्टहाउस के कमरों की छानबीन की तो पता चला कि वहां के दरवाजों में ऑटोमेटिक लॉक लगे हुए हैं। अगर कोई कमरा खोलकर बाहर जाता है तो दरवाजा अपने आप बंद हो जाता है। अनुराग जब भी कमरे से बाहर गए तो दरवाजा अपने आप ही बंद हो गया था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि एलडीए वीसी पीएन सिंह ने अनुराग के पास सैमसंग का एक ही मोबाइल फोन होने की जानकारी दी है। फिर एप्पल के आईफोन की बात कहां से आई? अगर अनुराग के पास आईफोन था तो वह कहां गायब हो गया? इस बारे में पुलिस जानकारी कर रही है।
जॉर्डन से किसने की कॉल
एलडीए वीसी पीएन सिंह सीएसआई क्लब में बैडमिंटन खेलते हैं। बुधवार सुबह करीब पौने सात बजे वह गेस्टहाउस से निकले और फॉरेस्ट गेस्टहाउस में अपने एक आईएफएस साथी को लिया। इसके बाद दोनों सीएसआई क्लब पहुंच गए। वहीं डीएम कौशल राज ने फोन कर अनुराग तिवारी की मौत की सूचना दी।
मंगलवार तड़के करीब साढे़ तीन बजे अनुराग तिवारी के मोबाइल पर +962 नंबर से आई मिस्ड कॉल ने पुलिस को उलझा दिया है। छानबीन में यह नंबर जॉर्डन का पाया गया है। आईएएस अफसर के भाई मयंक का कहना है कि उनके भाई को जान का खतरा था।
हो सकता है उनकी हत्या की साजिश विदेश में रची गई हो और जॉर्डन में बैठे किसी साजिशकर्ता ने उनकी लोकेशन पता करने के लिए कॉल की हो। हालांकि, एसएसपी दीपक कुमार ने इस आशंका से इन्कार किया है।
मयंक ने अनुराग के फोन से छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मंगलवार रात अनुराग की मां से फोन पर बातचीत हुई थी। कई अन्य लोगों के भी फोन आए और अनुराग ने भी कई कॉल की थीं लेकिन कॉल लॉग से सभी कॉल डिलीट कर दी गई हैं।
यही नहीं अनुराग के मोबाइल फोन का मेलबॉक्स भी खाली है। ऐसा लगता है कि किसी साजिश के तहत कॉल और मेल डिलीट की गई हैं। एसएसपी का कहना है कि मयंक की शिकायत की छानबीन कराई जाएगी।
साढ़े तीन घंटे में 20 सिगरेट पी गए थे अनुराग
परिवारीजनों का कहना है कि अनुराग सिगरेट पीते थे लेकिन चेन स्मोकर नहीं थे। नौकरी में चल रही परेशानियों और तनाव के कारण उन्होंने ज्यादा सिगरेट पी होंगी। पुलिस को यह भी आशंका है कि कहीं सिगरेट में ड्रग्स तो नहीं भरी गई थीं। इस आशंका के मद्देनजर पुलिस सिगरेट के टोटों की फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी कर रही है।
बुधवार सुबह जब आईएएस अनुराग का शव सड़क पर मिला था, उसी दौरान गेस्टहाउस आने वाले तीन संदिग्ध युवकों का कोई सुराग नहीं लग सका है। एसआईटी प्रभारी अवनीश कुमार मिश्रा ने शनिवार दोपहर गेस्टहाउस के वरिष्ठ स्वागती आरिफ हुसैन, पंप ऑपरेटर रामआधार सिंह और प्रेम शंकर श्रीवास्तव सहित अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की लेकिन संदिग्ध युवकों का पता नहीं चल सका। तीनों युवक सुबह करीब साढ़े छह बजे वनमंत्री दारा सिंह चौहान को पूछते हुए आए थे।