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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   investigation of pukhrayan train accident.

दुबई से पुखरायां तक ट्रेन हादसे की कड़ियां जोड़ रही एटीएस

Thu, 19 Jan 2017 02:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 19 Jan 2017 02:00 AM IST
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 investigation of pukhrayan train accident.

बिहार के मोतिहारी में पकड़े गए पुखरायां रेल हादसे के संदिग्धों से पूछताछ के लिए उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के आईजी असीम अरुण भी चंपारण पहुंच गए हैं। एटीएस की एक टीम पहले ही बिहार पहुंच चुकी है।

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शुरुआती पूछताछ में पुलिस की गिरफ्त में आए मोती पासवान ने बताया कि बृजकिशोर गिरि के कहने पर उसने पुखरायां में अपने साथियों के साथ पटरी पर बम फिट किया था। बृजकिशोर को भी नेपाल में पकड़ा गया है।
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उसने पूछताछ में बताया है कि  शमसुल हुदा दुबई में रहकर भारत में फेक करेंसी का कारोबार करता है। शमसुल का भतीजा जियाउल हक और जियाउल का साथी जुबैर कानपुर के पुखरायां में हुई रेल दुर्घटना के  मुख्य सूत्रधार हैं।
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बृजकिशोर ने पूछताछ में बताया कि पैसे मिलने के बाद उसने मोती पासवान समेत पांच युवकों का बिहार से कानपुर भेजा था जबकि जियाउल और जुबैर दिल्ली से आए थे। कुल सात लोगों ने मिलकर घटना को अंजाम दिया।

पुलिस हिरासत मे लेकर कर रही है पूछताछ

 investigation of pukhrayan train accident.

जियाउल और जुबैर दोनों दिल्ली में रहकर लोगों को दुबई भेजने का काम करते हैं। बृजकिशोर की सूचना पर दिल्ली में पुलिस दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि दोनों के ही मोबाइल सीडीआर (कॉल डिटेल रिपोर्ट) में बृजकिशोर, मोती पासवान या किसी अन्य संदिग्ध से बातचीत, घटनास्थल के आसपास होने की पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह भी संभव है कि  एजेंसियों को भ्रमित करने के लिए ही मोबाइल का इस्तेमाल न किया गया हो।

कई सवालों के जवाब मिलना बाकी
बृजकिशोर ने यह भी बताया कि बिहार से जो पांच लड़के घटना को अंजाम देने के लिए कानपुर गए थे उसमें दो ने टिकट लिया था और तीन बिना टिकट थे। सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर ये युवक इस मिशन पर निकले थे और इन्हें तीन लाख रुपये भी दिए गए थे, तो बिना टिकट जाने का रिस्क क्यों लिया?

सवाल यह भी है कि घटना से कुछ ही दिन पहले नोटबंदी लागू हुई थी, तो इन्हें पैसे नई करेंसी में मिले या पुरानी में? कानपुर आने के बाद इनका ठिकाना कहां-कहां रहा, इसके बारे में भी पूछताछ हो रही है।

आईजी एटीएस खुद करेंगे पूछताछ

 investigation of pukhrayan train accident.

मोतिहारी में पकड़े गए युवकों से पूछताछ के लिए एटीएस के आईजी असीम अरुण चंपारण गए हैं। वह खुद संदिग्धों से पूछताछ करेंगे।

एटीएस गिरफ्तार युवकों की रिमांड भी बिहार की अदालत से मांगेगी। आईजी ने बताया कि अभी पूछताछ की जा रही है। कोई ठोस जानकारी मिलने पर ही मीडिया को बताया जाएगा।

तीन प्रदेशों की पुलिस कर रही तफ्तीश
हादसा कानपुर के पुखरायां में हुआ। संदिग्ध बिहार में पकड़े गए। निशानदेही पर उसके साथी दिल्ली और नेपाल से उठाए गए। यानी पूरी घटना की तफ्तीश अब तीन राज्यों यूपी, बिहार और दिल्ली में हो रही है जबकि इसके लिंक नेपाल और दुबई से भी जुड़ रहे हैं।

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