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दावा दो घंटे का...और चार दिन बाद भी अस्पताल नहीं पहुंच रहे कोरोना के मरीज

Sat, 18 Jul 2020 06:15 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 18 Jul 2020 06:15 PM IST
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investigation of amar ujala regarding corona patients
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

लखनऊ में पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों को दो घंटे में अस्पताल पहुंचाने का दावा किया जा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि चार दिन बाद भी मरीज अस्पताल नहीं पहुंच पाए हैं। इतना ही नहीं पॉजिटिव पाए गए मरीजों के पास विभाग की ओर से फोन करके यह भी नहीं कहा गया कि वह घर से बाहर ना निकलें।

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से पॉजिटिव आने वाले मरीजों को तत्काल ट्रेस करने का दावा किया जाता है। कहा तो यह भी गया कि दो घंटे में मरीजों को अस्पताल पहुंचा दिया जाएगा, जबकि तमाम मरीज ऐसे हैं जो चार दिन बाद भी अस्पताल नहीं पहुंच पाए हैं। जुलाई में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होते देख स्वास्थ्य विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं। 11 से 15 जुलाई के बीच 5407 मरीज पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग अब तक इनमें से करीब 25 फीसदी मरीजों को अस्पताल नहीं पहुंचा पाया है। खास बात यह है कि जो गंभीर मरीज हैं वे भी घर में पड़े हुए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग नहीं तोड़ पाया चेन

बीते दो अप्रैल को बड़ी संख्या में जमात के लोगों के पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया कि वह एक-एक मरीज के पॉजिटिव आने के कारणों की पड़ताल करेगा। वायरस के फैलाव की जानकारी लेकर संक्रमण काबू में करेगा। लेकिन यह दावा फेल साबित हुआ। सदर में एक बार वायरस का फैलाव शुरू हुआ तो थमने का नाम नहीं लिया। ऐशबाग, इंदिरा नगर, जानकीपुरम, गोमती नगर, आलमबाग में भी यही दिखा। 

क्वारंटीन में भी खा गए मात
11 मार्च को पहली महिला के पॉजिटिव पाए जाने के बाद योजना बनाई गई कि विभिन्न स्थानों से लोगों को होम क्वारंटीन किया जाएगा। इस रणनीति में भी स्वास्थ्य विभाग फेल रहा। बाहर से आने वाले लोग शहर में घूमते रहे।

कंटेनमेंट जोन बनाने में भी देरी
20 जून को घोषणा की गई कि एक मरीज के पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी संबंधित इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया जाएगा। इलाके की बैरिकेडिंग की जाएगी, लेकिन दो से तीन दिन तक बैरिकेडिंग नहीं की गई।

इन दो मामलों से समझिए लापरवाही की हालत

परिवार के चार पॉजिटिव, अफसर  नहीं उठा रहे फोन
इंदिरानगर की मानस ग्रीन्स कॉलोनी निवासी परिवार की जांच स्वास्थ्य विभाग ने खुद कराई थी। पत्नी के बाद परिवार के तीन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद परिवार के लोग व उनके परिचित चार दिनों से कभी सीएमओ तो कभी दूसरे अधिकारियों को फोन कर रहे हैं। कंट्रोल रूम में तीन दिन में एक बार कॉल लगी, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं दिया गया। हालत यह है कि यह परिवार कब अस्पताल भेजा जाएगा इसकी जानकारी किसी को नहीं है।

कंट्रोल रूम में नहीं उठा फोन, परिचित डॉक्टर से ले रहे सलाह
जानकीपुरम निवासी परिवार के दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस परिवार का आरोप है कि कंट्रोल रूम में फोन किया गया तो वहां से घर में रहने की सलाह दी गई, लेकिन तीन दिन बाद भी स्वास्थ्य विभाग उन्हें अस्पताल नहीं भेज सका है। ऐसे में वे परिचित डॉक्टर से पूछ कर दवाई खा रहे हैं।

आज सभी मरीज पहुंच जाएंगे अस्पताल 
एक साथ मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से बैकलॉग बढ़ गया है। मैं खुद मरीजों को शिफ्ट कराने में लगा हूं। उम्मीद है कि शनिवार तक सभी मरीज अस्पताल पहुंच जाएंगे।  -डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ
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