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केजीएमयूः वीसी पर आरोपों की जांच, 15 दिन में देंगे रिपोर्ट, शिकायत में लगाए थे ये गंभीर आरोप
Tue, 30 Apr 2019 03:43 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 30 Apr 2019 03:43 PM IST
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वीसी एमएलबी भट्ट
- फोटो : amar ujala
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केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच होगी। शासन ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण (डीजीएमई) को कुलपति पर लगे आरोपों का परीक्षण कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।
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शासन उप सचिव कुलदीप कुमार की ओर से महानिदेशक को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट के कार्यकाल की शिकायतों के दस्तावेज केजीएमयू से प्राप्त करें। शिकायतों का परीक्षण करते हुए 15 दिन में रिपोर्ट दें।
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शासन की ओर से केजीएमयू कुलसचिव को भी पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि वह शिकायत के संबंध में डीजीएमई की ओर से मांगे जाने वाले सभी दस्तावेज उपलब्ध कराएं। कुछ दिन पहले मोहनलालगंज निवासी अधिवक्ता सचिन कुमार द्विवेदी ने कुलपति पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाते हुए शासन से शिकायत की थी।
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उन्होंने एक मार्च को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल को शिकायती पत्र भेजा। ऑनलाइन भी शिकायत की। इस पर शासन ने उनसे साक्ष्य एवं हलफनामा मांगा था, जिसपर उन्होंने साक्ष्य उपलब्ध कराए।
शिकायत में लगाए थे कई गंभीर आरोप
डेमो
सचिन ने अपनी शिकायत में कुलपति पर अपने करीबी को उपचिकित्सा अधीक्षक नियुक्त करने के लिए विज्ञापन में संशोधन करने, समूह ग के तहत 2005 में हुई भर्ती मामले में जिम्मेदार लोगों को नियम विरुद्ध जिम्मेदारी देने के आरोप लगाए हैं।
लोहिया संस्थान में साथ रहने वाले सेवानिवृत्त अधिकारी को गलत तरीके से ओएसडी बनाने, चहेते को डिप्टी रजिस्ट्रार बनाने, जूनियर रेजीडेंट व सीनियर रेजीडेंट की नियुक्ति में योग्यता को दरकिनार कर चहेतों को नियुक्त कराने, लिपिकीय संवर्ग से प्रोन्नत करके डिप्टी रजिस्ट्रार बनाने के बजाय चहेते डॉक्टर को डिप्टी रजिस्ट्रार बनाने, सहायक कुलसचिव की नियुक्ति में नियमों की अनदेखी करने, बिना टेंडर के दवाओं की खरीद करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
आरोप निराधार, जांच में सबकुछ साफ हो जाएगा
आरोप तो किसी पर भी लगाया जा सकता है। शासन की ओर से भेजा गया पत्र कुलसचिव कार्यालय को मिल गया है। इसमें शिकायतों पर रिपोर्ट मांगी गई है। केजीएमयू प्रशासन हर संभव सहयोग करेगा। सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। शिकायतों के परीक्षण में सबकुछ साफ हो जाएगा। जो भी आरोप लगे हैं, वे निराधार हैं। - डॉ. सुधीर कुमार सिंह, मीडिया प्रभारी, केजीएमयू
लोहिया संस्थान में साथ रहने वाले सेवानिवृत्त अधिकारी को गलत तरीके से ओएसडी बनाने, चहेते को डिप्टी रजिस्ट्रार बनाने, जूनियर रेजीडेंट व सीनियर रेजीडेंट की नियुक्ति में योग्यता को दरकिनार कर चहेतों को नियुक्त कराने, लिपिकीय संवर्ग से प्रोन्नत करके डिप्टी रजिस्ट्रार बनाने के बजाय चहेते डॉक्टर को डिप्टी रजिस्ट्रार बनाने, सहायक कुलसचिव की नियुक्ति में नियमों की अनदेखी करने, बिना टेंडर के दवाओं की खरीद करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
आरोप निराधार, जांच में सबकुछ साफ हो जाएगा
आरोप तो किसी पर भी लगाया जा सकता है। शासन की ओर से भेजा गया पत्र कुलसचिव कार्यालय को मिल गया है। इसमें शिकायतों पर रिपोर्ट मांगी गई है। केजीएमयू प्रशासन हर संभव सहयोग करेगा। सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। शिकायतों के परीक्षण में सबकुछ साफ हो जाएगा। जो भी आरोप लगे हैं, वे निराधार हैं। - डॉ. सुधीर कुमार सिंह, मीडिया प्रभारी, केजीएमयू